दमोह: कलेक्टर बंगला में रंगों के बीच गूंजी जनसेवा की प्रतिज्ञा

 


दमोह,मध्य प्रदेश, 04 मार्च (हि.स.) एक सदी का इतिहास, जिम्मेदारियों की विरासत और रंगों की उमंग, इन सबका अनोखा संगम उस समय देखने को मिला जब जिले के ऐतिहासिक कलेक्टर भवन निवास ने अपने 100 वर्ष पूर्ण किए। शताब्दी वर्ष के इस विशेष अवसर पर कलेक्टर बंगले में भव्य होली महोत्सव आयोजित हुआ, जिसने प्रशासन और समाज के बीच की दूरी को रंगों में घोल दिया।

जिले के कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने इस आयोजन को लेकर बुधवार को कहा कि यह भवन बीते सौ वर्षों से जिले की प्रशासनिक धड़कनों का केंद्र रहा है। यह सेवा की निरंतरता का संदेश देता है।“यह इमारत हमें हर दिन याद दिलाती है कि हम अधिकार के नहीं, दायित्व के प्रतिनिधि हैं। जनता का विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है।” उल्‍लेखनीय है कि वर्तमान में इस ऐतिहासिक भवन में निवास कर रहे कलेक्टर कोचर 44वें कलेक्टर हैं।

जब प्रशासन भी रंगों में सराबोर हुआ

होली महोत्सव के दौरान कलेक्टर बंगला पूरी तरह रंगमय नजर आया। ढोल-नगाड़ों की गूंज, गुलाल की उड़ती रंगत और आत्मीयता से भरे वातावरण ने आयोजन को विशेष बना दिया। प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों के सदस्य एक साथ रंग खेलते दिखाई दिए। वहीं शताब्दी वर्ष का यह आयोजन दमोह के इतिहास में एक यादगार अध्याय के रूप में दर्ज हो गया, जहां रंगों के साथ जिम्मेदारी और जनसेवा की भावना भी पूरी गरिमा के साथ उपस्थित रही।

हिन्दुस्थान समाचार / हंसा वैष्णव