दमोहः कोचिंग और लाइब्रेरी सेंटरों में सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
दमोह, 24 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के दमोह शहर में तेजी से बढ़ रहे कोचिंग और लाइब्रेरी कल्चर के बीच विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े होने लगे हैं। दमोह के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित अनेक कोचिंग संस्थान और लाइब्रेरी सेंटर ऐसे भवनों में संचालित हो रहे हैं जहां अग्नि सुरक्षा मानकों और आपदा प्रबंधन व्यवस्थाओं को लेकर पर्याप्त इंतजाम नजर नहीं आते।
शहर के टंडन बगीचा, गायत्री गेट, बस स्टैंड, स्टेशन रोड, दवा बाजार तथा अन्य व्यावसायिक क्षेत्रों में बड़ी संख्या में कोचिंग और लाइब्रेरी सेंटर संचालित हैं। इनमें से कई संस्थान बहुमंजिला भवनों में संचालित हो रहे हैं, जहां तक पहुंचने के लिए केवल संकरी सीढ़ियों का सहारा है। कई स्थानों पर सीढ़ियों की चौड़ाई इतनी कम है कि आपातकालीन स्थिति में एक साथ बड़ी संख्या में विद्यार्थियों का बाहर निकलना मुश्किल हो सकता है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अनेक भवनों में वैकल्पिक निकासी मार्ग (इमरजेंसी एग्जिट) उपलब्ध नहीं हैं। वहीं कुछ स्थानों पर अग्निशमन यंत्र तो लगे हैं, लेकिन उनके नियमित रखरखाव और उपयोग को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि जहां प्रतिदिन सैकड़ों विद्यार्थी एकत्रित होते हों, वहां सुरक्षा के मानकों का पालन अत्यंत आवश्यक है।
यातायात और पार्किंग की समस्या भी बढ़ा रही जोखिमकोचिंग सेंटरों के आसपास पार्किंग की समुचित व्यवस्था न होने के कारण सड़क किनारे बड़ी संख्या में दोपहिया वाहन खड़े रहते हैं। गायत्री गेट से पीजी कॉलेज मार्ग, टंडन बगीचा तथा अन्य क्षेत्रों में सुबह और शाम के समय यातायात दबाव बढ़ जाता है। कई बार जाम जैसी स्थिति भी निर्मित हो जाती है। यदि किसी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव दल को मौके तक पहुंचना पड़े तो यह अव्यवस्था परेशानी का कारण बन सकती है।
पहले भी हुई थी कार्रवाईजानकारी के अनुसार लगभग दो वर्ष पहले जिला प्रशासन ने शहर में संचालित कोचिंग और लाइब्रेरी सेंटरों की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया था। उस दौरान सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने वाले कुछ संस्थानों के विरुद्ध कार्रवाई भी की गई थी। विद्यार्थियों की सुविधा के लिए प्रशासन द्वारा निशुल्क लाइब्रेरी की व्यवस्था भी प्रारंभ कराई गई थी। हालांकि समय बीतने के साथ सुरक्षा मानकों की नियमित निगरानी का विषय फिर चर्चा में आ गया है।
अभिभावकों ने की नियमित निरीक्षण की मांगअभिभावकों का कहना है कि शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों की सुरक्षा भी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि शहर में संचालित सभी कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी सेंटरों का समय-समय पर निरीक्षण कराया जाए तथा फायर सेफ्टी, इमरजेंसी एग्जिट और भवन सुरक्षा से जुड़े मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए।
एसडीएम ने दिए जांच के संकेतइस संबंध में एसडीएम सौरव गंधर्व ने कहा कि शहर में संचालित कोचिंग सेंटरों एवं लाइब्रेरी संस्थानों की स्थिति की जानकारी लेकर आवश्यक निरीक्षण कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि कलेक्टर से चर्चा कर सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा कराई जाएगी और जहां भी कमियां पाई जाएंगी, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / हंसा वैष्णव