सहकारी आंदोलन को नई मजबूती देने कांग्रेस ने बनाई संचालन समिति, भंवर सिंह शेखावत को सहकारिता विभाग की जिम्मेदारी

 


जीतू पटवारी की अध्यक्षता में हुई बैठक, किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए तैयार होगी व्यापक कार्ययोजना

भाेपाल, 30 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश कांग्रेस ने प्रदेश में सहकारी आंदोलन को पुनर्जीवित करने और किसानों व ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में अहम कदम उठाते हुए चार सदस्यीय संचालन समिति का गठन किया है। मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी द्वारा गठित समिति ने सहकारिता आंदोलन को सशक्त और प्रभावी बनाने की रणनीति पर मंथन किया।

बैठक में इस बात पर चिंता जताई गई कि कभी किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाने वाला सहकारी आंदोलन वर्तमान में कमजोर पड़ गया है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी का उद्देश्य सहकारिता की मूल भावना को पुनर्स्थापित करते हुए इसे फिर से जनहित और किसान हित का प्रभावी माध्यम बनाना है। बैठक में सर्वसम्मति से विधायक भंवर सिंह शेखावत के नाम को मध्य प्रदेश कांग्रेस सहकारिता विभाग के अध्यक्ष पद के लिए स्वीकृति प्रदान की गई।

सहकारी आंदोलन के संचालन और विस्तार के लिए गठित चार सदस्यीय समिति में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव, पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह, विधायक भंवर सिंह शेखावत तथा समन्वय संयोजक चंद्रिका प्रसाद द्विवेदी को शामिल किया गया है। बैठक में निर्णय लिया गया कि संचालन समिति प्रदेशभर के सहकारी क्षेत्र से जुड़े वरिष्ठ पदाधिकारियों, विशेषज्ञों और कार्यकर्ताओं से संवाद कर शीघ्र ही विस्तृत बैठक आयोजित करेगी। इस बैठक में सहकारी आंदोलन को पुनर्जीवित करने, किसानों के हितों की रक्षा करने तथा प्रदेश में सहकारिता को मजबूत बनाने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी सहकारिता की मूल भावना को पुनर्स्थापित करने और किसानों, ग्रामीणों तथा सहकारी संस्थाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में प्रदेशभर में सहकारी आंदोलन को मजबूत करने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाएगा। बैठक में विधायक भंवर सिंह शेखावत, पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह, चंद्रिका प्रसाद द्विवेदी, धीरेंद्र गौर तथा सभी प्रकोष्ठों के प्रभारी महेंद्र चौहान उपस्थित रहे। वहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव और राज्यसभा सांसद अशोक सिंह ने दूरभाष के माध्यम से बैठक में शामिल होकर अपने सुझाव दिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे