सागर: गेहूं खरीदी को लेकर 9 अप्रैल को कांग्रेस करेगी प्रदेशव्यापी आंदोलन
सागर, 07 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी के आह्वान पर आगामी 9 अप्रैल को प्रदेश के सभी जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ता गेहूं खरीदी और किसानों की समस्याओं को लेकर जिला मुख्यालयों पर कलेक्टर कार्यालयों का घेराव करेंगे।
सागर में मंगलवार को हुई पत्रकार वार्ता में पूर्व विधायक सुनील जैन, जिला ग्रामीण अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह मुहासा और शहर अध्यक्ष महेश जाटव सहित वरिष्ठ नेताओं ने सरकार की नीतियों को किसान विरोधी करार देते हुए उक्त जानकारी दी। पूर्व विधायक सुनील जैन ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने 2700 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं खरीदने का वादा किया था। लेकिन सत्ता में आते ही मात्र 40 रुपये का बोनस देकर किसानों के साथ 'ऊंट के मुंह में जीरा' जैसा व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने तुलना करते हुए बताया कि पड़ोसी राज्य राजस्थान में 150 रुपये बोनस दिया जा रहा है, जबकि मध्य प्रदेश का किसान हक के लिए भटक रहा है।
जिला ग्रामीण अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह मुहासा ने आरोप लगाया कि सरकार ने जानबूझकर गेहूं खरीदी की तारीखों को तीन बार आगे बढ़ाया है। कांग्रेस का दावा है कि यह देरी इसलिए की गई, ताकि परेशान किसान अपनी फसल कम दामों में बिचौलियों और व्यापारियों को बेच दें। केंद्र ने भी 160 लाख टन पंजीकरण के मुकाबले केवल 78 लाख टन खरीदी की सीमा तय कर किसानों की कमर तोड़ दी है।
पूर्व मंत्री सुरेंद्र चौधरी ने बारदाने (जूट बैग) की कमी पर सरकार के तर्कों को हास्यास्पद बताया। उन्होंने कहा कि सरकार जूट की कमी के लिए युद्ध का बहाना बना रही है, जबकि भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा जूट उत्पादक है। असल संकट सरकार की अकर्मण्यता है; जहां 10 करोड़ बारदानों की जरूरत थी, वहां केवल 2.60 करोड़ के लिए ही आवेदन किया गया।
नेताओं ने बताया कि एक अप्रैल को हुई ओलावृष्टि से सीहोर और विदिशा सहित 17 जिलों में फसलें बर्बाद हो गईं, लेकिन मुआवजा अब तक नदारद है। सीएजी की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा गया कि किसानों के लिए निर्धारित 50% बजट सरकार ने खर्च ही नहीं किया, जिसके चलते पिछले दो वर्षों में 1,229 किसान आत्महत्या करने पर मजबूर हुए।
कांग्रेस ने सरकार के सामने स्पष्ट मांगें रखी हैं, ओलावृष्टि से हुए नुकसान के लिए ₹50,000 प्रति हेक्टेयर की दर से मुआवजा दिया जाए। गेहूं की खरीदी तुरंत शुरू कर ₹2700 प्रति क्विंटल का चुनावी वादा पूरा किया जाए। खरीदी में देरी के कारण जो किसान 31 मार्च तक कर्ज नहीं चुका पाए, उनका दंडात्मक ब्याज माफ किया जाए।
कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि मंडियों में बारदाने के पुख्ता इंतजाम और तुरंत खरीदी शुरू नहीं हुई, तो कार्यकर्ता केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के भोपाल स्थित निवास के समक्ष उपवास पर बैठेंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार चौबे