अशोकनगरः कांग्रेस ने गेहूं खरीदी में देरी पर सरकार को घेरा, कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन

 


अशोकनगर,09 अप्रैल(हि.स.)। मध्य प्रदेश के अशोकनगर में मध्य प्रदेश के अशोकनगर में गुरुवार को सियासी पारा उस समय चढ़ गया जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गेहूं खरीदी में हो रही देरी को लेकर प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेसी नेताओं ने न केवल नारेबाजी की, बल्कि सरकार पर भ्रष्टाचार और किसान विरोधी होने के गंभीर आरोप भी लगाए।

प्रदर्शन की बड़ी बातें:

कलेक्ट्रेट परिसर में किसान विरोधी यह सरकार नहीं चलेगी के नारों से गूंज उठा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर तत्काल गेहूं खरीदी शुरू करने की मांग की। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे प्रदेश कांग्रेस महासचिव यादवेन्द्र सिंह यादव और विधायक हरिबाबू राय ने सीधे तौर पर सत्तापक्ष को निशाने पर लिया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि खरीदी प्रक्रिया में जानबूझकर देरी की जा रही है ताकि किसान हताश होकर अपनी उपज कम दामों में बिचौलियों को बेच दें।

विधायक हरिबाबू राय और यादवेन्द्र सिंह ने तीखे शब्दों में कहा कि इस देरी के पीछे एक गहरा खेल चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाए कि उद्योगपतियों को लाभ सरकार जानबूझकर खरीदी टाल रही है ताकि बड़े उद्योगपति और निजी खरीदार ओने-पौने दामों पर किसानों का अनाज खरीद सकें।

आरोप लगाया गया कि भाजपा नेताओं के संरक्षण में दलाल सक्रिय हैं, जो किसानों की मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं। कांग्रेस का कहना है कि सरकार की नीयत किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ देने की नहीं है। सरकार चाहती ही नहीं कि किसान खुशहाल हो। जब फसल पककर तैयार है, तो खरीदी केंद्रों पर ताले क्यों लटके हैं? यह सीधे तौर पर अन्नदाता की पीठ में छुरा घोंपने जैसा है।

प्रशासन को अल्टीमेटम:

प्रदर्शन के अंत में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द गेहूं की सुचारू खरीदी शुरू नहीं की गई, तो कांग्रेस पूरे जिले में उग्र आंदोलन करेगी और सडक़ों पर उतरकर किसानों के हक की लड़ाई लड़ेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / देवेन्द्र ताम्रकार