जीतू पटवारी के समर्थन में युवा कांग्रेस का विरोध, लेकिन नेताओं की गैरमौजूदगी ने बढ़ाई गुटबाजी की चर्चा

 


सागर, 02 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश कांग्रेस में संगठनात्मक एकजुटता को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। सागर जिले के बीना में मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के समर्थन में युवा कांग्रेस द्वारा आयोजित विरोध कार्यक्रम में स्थानीय स्तर के कई प्रमुख नेताओं और पदाधिकारियों की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बन गई।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की ओर से जीतू पटवारी को लेकर की गई टिप्पणी के विरोध में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बीना के कटरा मंदिर में हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ किया। कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री को सद्बुद्धि मिलने की कामना की और भगवान राम के भजन-कीर्तन भी किए। लगभग 20 मिनट तक चले इस आयोजन के बाद कार्यकर्ता शांतिपूर्वक लौट गए, हालांकि, कार्यक्रम का केंद्र विरोध प्रदर्शन से अधिक कांग्रेस की आंतरिक स्थिति बन गई।

प्रदेश अध्यक्ष के समर्थन में आयोजित इस कार्यक्रम में शहर कांग्रेस, ब्लॉक कांग्रेस और हाल ही में नियुक्त कई जिला पदाधिकारी नजर नहीं आए। स्थानीय निकाय चुनावों में सक्रिय भूमिका निभाने वाले कई कांग्रेसी पार्षदों की अनुपस्थिति भी लोगों के बीच चर्चा का विषय रही।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस घटनाक्रम ने कांग्रेस के भीतर मौजूद गुटबाजी और समन्वय की कमी को उजागर कर दिया है। उनका कहना है कि यदि प्रदेश अध्यक्ष के समर्थन में आयोजित कार्यक्रम में भी संगठन के विभिन्न घटक एकजुट नहीं दिखते, तो आगामी राजनीतिक चुनौतियों के दौरान पार्टी की रणनीति और एकता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

बीना के राजनीतिक हलकों में अब यह चर्चा तेज है कि मुख्यमंत्री की टिप्पणी के विरोध में आयोजित कार्यक्रम से अधिक सुर्खियां कांग्रेस के भीतर की खींचतान ने बटोरी हैं। ऐसे में निगाहें प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व पर टिकी हैं कि वह इस संदेश को किस तरह लेता है और संगठनात्मक स्तर पर क्या कदम उठाता है।

हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार चौबे