समिति प्रणाली की समीक्षा बैठक: समितियां लोकतंत्र की आत्मा, इन्हें प्रभावी बनाना हम सबका कर्तव्य : नरेन्द्र सिंह तोमर
भोपाल/जयपुर, 5 मई (हि.स.)। समिति प्रणाली की समीक्षा के लिए गठित पीठासीन अधिकारियों की समिति की द्वितीय बैठक मंगलवार को राजस्थान विधानसभा, जयपुर में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने की।
नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि समिति प्रणाली वास्तव में लोकतांत्रिक शासन का वह आधारभूत स्तंभ है, जो नीति निर्माण को केवल सैद्धांतिक प्रक्रिया न रहने देकर उसे व्यवहारिक और उत्तरदायी बनाता है। समिति प्रणाली केवल एक संवैधानिक प्रावधान नहीं, बल्कि हमारे लोकतंत्र की जीवंत आत्मा है। हम सभी पर यह नैतिक और संवैधानिक दायित्व है कि हम इस प्रणाली को केवल औपचारिकता तक सीमित न रखें, बल्कि इसे एक सशक्त, सक्रिय और परिणामोन्मुख माध्यम के रूप में विकसित करें। जब समितियाँ सशक्त होंगी, तो विधायिका सशक्त होगी; और जब विधायिका सशक्त होगी, तब लोकतंत्र और अधिक दृढ़, विश्वसनीय और जन-केन्द्रित बनेगा। मुझे गर्व है कि मध्यप्रदेश विधानसभा समिति प्रणाली के सुदृढ़ीकरण तथा जनकल्याण में इसकी भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में निरंतर अग्रसर है।
उन्होंने कहा कि हमारा लोकतंत्र केवल संविधान के प्रावधानों से ही नहीं चलता, बल्कि उन जीवंत संस्थाओं से भी संचालित होता है, जो जन-आकांक्षाओं को नीतियों में रूपांतरित करती हैं। विधायिका इस प्रक्रिया का केंद्र है, और विधायिका की प्रभावशीलता का एक अत्यंत महत्वपूर्ण आधार है। समिति प्रणाली केवल एक प्रशासनिक ढांचा नहीं है, बल्कि यह लोकतांत्रिक मूल्यों की अभिव्यक्ति है। यह हमें यह सिखाती है कि संवाद, सहमति और सहयोग के माध्यम से ही हम बेहतर निर्णय ले सकते हैं। यह हमारा कर्तव्य है कि हम समिति प्रणाली को और अधिक सशक्त और प्रभावी बनाने के लिए ठोस कदम उठाएँ । हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि यह प्रणाली केवल औपचारिकता न रहे, बल्कि वास्तव में लोकतंत्र की शक्ति का आधार बने। यदि हम इसे सही दिशा में ले जाने में सफल होते हैं, तो यह न केवल हमारी विधायिकाओं को अधिक प्रभावी बनाएगा, बल्कि जनता के विश्वास को भी सुदृढ़ करेगा।
छह राज्यों के विधानसभा अध्यक्षों की भागीदारी
बैठक में पश्चिम बंगाल को छोड़ कर सात में से छह राज्यों - मध्य प्रदेश विधान सभा के अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, राजस्थान विधान सभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, उत्तर प्रदेश विधान सभा के अध्यक्ष सतीश महाना, हिमाचल प्रदेश विधान सभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, उड़ीसा विधान सभा की अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी और सिक्किम विधान सभा के अध्यक्ष मिंगमा नोरबू शेरपा शामिल हुए।
गौरतलब है कि समिति की पहली बैठक 14 जुलाई 2025 को मध्यप्रदेश विधानसभा में आयोजित हुई थी, जिसमें विभिन्न राज्यों की विधानसभाओं के अध्यक्ष एवं प्रमुख सचिव उपस्थित हुए थे। इस बैठक में समिति प्रणाली के सुदृढ़ीकरण तथा जनकल्याण में इसकी भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने के संबंध में विचार-विमर्श हुआ था।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / राजू विश्वकर्मा