झाबुआ: प्रदेश सरकार महिलाओं को आजीविका के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने हेतु कटिबद्ध- मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव
झाबुआ, 31 जुलाई (हि.स.)। प्रदेश सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है, तथा स्व-सहायता समूहों को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और ऋण उपलब्ध कराकर उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर प्रदान किए जा रहे हैं, ताकि वे परिवार और समाज के विकास में सशक्त भूमिका निभा सकें।
उक्त बात मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कही। मुख्यमंत्री जनजातीय बाहुल्य झाबुआ जिले के अनुविभागीय मुख्यालय थांदला के स्थानीय शासकीय महाविद्यालय ग्राउंड में में शुक्रवार को प्रदेश स्तरीय स्व-सहायता समूहों का क्षमतावर्धन एवं ऋण वितरण कार्यक्रम में उद्बोधन करते हुए कही।
आयोजित कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री द्वय डॉ. कुंवर विजय शाह एवं सुश्री निर्मला भूरिया सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण और प्रशासनिक अधिकारी, बड़ी संख्या में स्व-सहायता समूहों की महिला सदस्य एवं दूरदराज से आए आदिवासी जन उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में चम्बल के क्षेत्र को रोजगार का नया मुकाम बनाने की योजना पर कार्य शुरू हो गया है। इसके लिए ग्वालियर में प्रदेश की उद्योग नीति के तहत 14 हजार करोड़ से अधिक रुपए का एमओयू किया गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों की योजनाओं के माध्यम से परिवार की प्रगति और समाज की समृद्धि के लिए बहनों के लिए योजनाएं संचालित की, जिसका आज पल्लवित रूप हमारे सामने है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशभर के स्वयं सहायता समूहों के सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए ₹300 करोड़ के ऋण का वितरण किया। यह पहल महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को सुदृढ़ करने, ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने तथा स्वरोजगार के अवसरों का विस्तार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे प्रदेश में महिला सशक्तिकरण को नई गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी शक्ति का सदैव सम्मान रहा है। रानी अहिल्याबाई होल्कर ने भील पलटन का गठन कर जनजातीय समाज के प्रति विश्वास और सम्मान का परिचय दिया। इसी प्रकार रानी दुर्गावती, रानी अवंतिबाई तथा रानी लक्ष्मीबाई ने अपने अदम्य साहस से नारी शक्ति का गौरव बढ़ाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गरीब, युवा, किसान और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने बताया कि झाबुआ जिले में चार दीदियां दीदी कैफे का सफल संचालन कर रही हैं, जबकि प्रदेश में 196 आजीविका कैफे संचालित हैं। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को ड्रोन दीदी, बैंक सखी और लखपति दीदी जैसी अभिनव पहलों से रोजगार एवं आत्मनिर्भरता के अवसर प्राप्त हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में भी स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर उत्कृष्ट कार्य कर रही हैं। ड्रोन संचालन के माध्यम से कृषि में मशीनीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश ने इस वर्ष 104 लाख मीट्रिक टन गेहूं उपार्जन कर देश में अग्रणी स्थान प्राप्त किया है, जिसमें स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। वर्तमान में 89 ड्रोन दीदियों के माध्यम से कृषि के आधुनिकीकरण का कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की समृद्धि से परिवार और समाज दोनों समृद्ध होते हैं। स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं व्यावसायिक सब्जी उत्पादन, जैविक खेती एवं दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रही हैं। उन्होंने बताया कि कामधेनु योजना के अंतर्गत दुग्ध उत्पादन के लिए 40 लाख रुपये तक की परियोजना पर 10 लाख रुपये का अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे महिलाओं की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
उन्होंने कहा कि झाबुआ जिले में सिकल सेल उन्मूलन के लिए भी प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। जिले में लगभग एक हजार करोड़ रुपये का व्यापार एवं व्यवसाय स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से संचालित हो रहा है। जिले के 11,900 से अधिक स्वयं सहायता समूहों से 1.56 लाख से अधिक परिवारों को आजीविका प्राप्त हो रही है तथा 64 हजार से अधिक लखपति दीदियां आर्थिक सशक्तिकरण की नई मिसाल बन चुकी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के साथ समानता एवं न्यायपूर्ण व्यवहार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने समान नागरिक संहिता लागू करने का निर्णय लिया है, किंतु इस व्यवस्था में जनजातीय समाज को इससे पृथक रखने का निर्णय भी लिया गया है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद पहली बार मध्यप्रदेश इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए प्रदेश में शासकीय सेवाओं में 35 प्रतिशत तथा स्थानीय निकायों के निर्वाचन में 50 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया गया है। लाड़ली बहना योजना के माध्यम से प्रत्येक माह बहनों के जीवन में रक्षाबंधन जैसा आनंद और आर्थिक संबल पहुंच रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए महिला सुरक्षा फोर्स एवं महिला थानों की स्थापना की जा रही है तथा महिलाओं के विरुद्ध अपराध करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश नक्सलवाद जैसी बड़ी चुनौती से भी मुक्त हुआ है।
उन्होंने कहा कि एमएसएमई एवं उद्योग नीति के माध्यम से महिलाओं और युवाओं के लिए व्यापक रोजगार के अवसर सृजित किए जा रहे हैं। ग्वालियर में हाल ही में 14 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश संबंधी एमओयू संपन्न हुए हैं, जिनसे भविष्य में विशेषकर चंबल क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे। वहीं धार जिले में स्थापित होने वाला पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क जनजातीय अंचल में तीन लाख से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएगा। इससे कपास उत्पादन से लेकर प्रसंस्करण और निर्यात तक सम्पूर्ण मूल्य श्रृंखला विकसित होगी।
आयोजित कार्यक्रम हेतु थांदला पहुंचने पर केबिनेट मंत्रियों सहित जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत अभिनन्दन किया।
कार्यक्रम में जनजातीय कार्य, लोक परिसंपत्ति प्रबंधन तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग के मंत्री एवं झाबुआ जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने भी मुख्य मंत्री का स्वागत करते हुए संबोधन दिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. उमेश चंद्र शर्मा