दमोह : जिले में सभी प्रकार के ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग करने पर रोक

 




दमोह, 19 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के दमोह जिले में सभी प्रकार के ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग करने पर सोमवार को कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। उन्होने अपने आदेश में कहा है कि रात्रि 10 बजे से प्रातः 6 बजे के मध्य किसी भी प्रकार के ध्वनि विस्तारक यंत्रों को उपयोग नहीं करने दिया जायेगा।

अगर कोई भी आदेश का उलंघन करता पाया गया या उसकी शिकायत प्राप्त हुई तो कडी कार्यवाई अधिनियम नियम के तहत होगी। कलेक्टर कोचर ने बताया कि निकट समय में विद्यार्थियों की वार्षिक परीक्षाएँ आयोजित की जा रही हैं, जिसमें कक्षा 5 वीं, 8 वीं, 9 वीं, 10 वीं, 11 वीं एवं 12 वीं की वार्षिक परीक्षाएँ 10 फरवरी 2026 से 17 मार्च 2026 तक आयोजित की जाएंगी। उक्त परीक्षाओं में सम्मिलित होने वाले विद्यार्थियों को शांत एवं अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है, परीक्षाकाल के दौरान ध्वनि विस्तारक यंत्रों के अत्यधिक उपयोग से विद्यार्थियों की एकाग्रता प्रभावित होने की संभावना बनी रहती है, पूर्व वर्षों में दिन एवं रात्रि दोनों समय तेज ध्वनि को लेकर शिकायतें प्राप्त हुई हैं। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार कोचर ने मध्यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 के अंतर्गत आदेश जारी किये हैं।

जारी आदेश में कहा गया है दमोह जिले की संपूर्ण राजस्व सीमाओं में रात्रि 10 बजे से प्रातः 06 बजे तक किसी भी प्रकार के ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम-2000 के अंतर्गत अधिसूचित अनुसूची के अनुसार दिन के समय (प्रातः 06.00 बजे से रात्रि 10.00 बजे तक) की अवधि के लिये ध्वनि विस्तारक यंत्रों की अधिकतम ध्वनि सीमा औधोगिक क्षेत्र में 75 डेसिबल, व्यवसायिक क्षेत्र में 65 डेसिबल, आवासीय क्षेत्र में 55 डेसिबल एवं साइलेंस जोन में 50 डेसिबल निर्धारित की गई है ।

जारी आदेश में कहा गया है जहां तक प्रातरू 06 बजे से रात्रि 10 बजे तक की अवधि का प्रश्न है, ध्वनि प्रदूषण अंतर्गत अधिसूचित अनुसूची के अनुसार ध्वनि सीमा के भीतर ही ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग किया जा सकेगा । कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी आदेश में आगे यह भी कहा गया है इस प्रावधान का उल्लंघन करने वालों के विरूद् शिकायत प्राप्त होने पर ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम-2000 के नियम 6, 7 एवं 8 में वर्णित प्रावधानों तथा म.प्र. कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 के अंतर्गत विधि अनुसार कार्यवाही की जाएगी। उक्त आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा ।

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हिन्दुस्थान समाचार / हंसा वैष्णव