गेहूँ के अवैध भंडारण की सूचना देने वालों को मिलेगा 21 हजार रूपये तक का नकद इनाम

 


जबलपुर, 22 अप्रैल (हि.स.)। जिला प्रशासन ने समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन की प्रक्रिया से बिचौलियों और व्यापारियों को दूर रखने तथा वास्तविक किसानों से ही खरीदी सुनिश्चित करने के लिये गेहूँ के अवैध भंडारण की सूचना देने वाले व्यक्तियों को बुधवार को नकद पुरस्कार देने की घोषणा की गई है। गेहूँ के अवैध संग्रहण की सूचना देने वाले नागरिकों को पुरस्कार जप्त की गई मात्रा के अनुसार प्रदान किया जायेगा।

यदि कोई व्यक्ति 100 क्विंटल से 200 क्विंटल तक गेहूँ के अवैध भंडारण की सूचना देता है, तो उसे 5 हजार का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। वहीं, 200 क्विंटल से 500 क्विंटल तक के अवैध भंडारण की सूचना देने पर 11 हजार रूपये तथा 500 क्विंटल से अधिक गेहूँ के अवैध संग्रहण की सूचना देने वाले व्यक्ति को 21 हजार रूपये का नकद पुरस्कार दिया जायेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम पूर्णतः गोपनीय रखा जाएगा।

जिला प्रशासन ने गेहूँ के अवैध भंडारण की सूचना देने के लिए मोबाईल नंबर 62691 13327 जारी किया है। कलेक्टर जबलपुर के इस सीयूजी मोबाइल नम्बर पर व्हाट्सअप के जरिये भी बिचौलियों की जानकारी, फोटोग्राफ और वीडियो प्रदान किये जा सकेंगे। इस मोबाइल नम्बर पर अवैध भंडारण की जानकारी अथवा वीडियो या फोटो भेजने वाले व्यक्ति का नाम पूर्णतः गुप्त रखा जायेगा।

गेहूँ के अवैध संग्रहण की सूचना देने वालों को नगद पुरस्कार देने की यह पहल कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देश पर की गई है। ज्ञात हो कि धान उपार्जन के समय भी व्यापारियों और बिचौलियों की इस तरह की कोशिशों पर प्रभावी रोक लगाने कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देश पर प्रशासन द्वारा इसी प्रकार के पुरस्कारों की घोषणा की गई थी और इसके अच्छे परिणाम भी सामने आये थे।

इस संबंध में जारी आदेश में कहा गया है कि कुछ व्यापारियों और बिचौलियों द्वारा मंडी अथवा अन्य माध्यमों से कम मूल्य पर गेहूँ खरीद कर इसे फर्जी तरीके से किसानों के नाम पर उपार्जन केंद्रों पर बेचने का प्रयास किया जाता है। इससे न केवल शासन को आर्थिक क्षति पहुँचती है, बल्कि उनका यह कृत्य वास्तविक किसानों को समर्थन मूल्य का लाभ प्राप्त करने से वंचित भी करता है।

प्रशासन का मानना है कि उपार्जन व्यवस्था का अनुचित लाभ उठाने के लिये गेहूँ के अवैध भंडारण कर खरीदी केंद्रों पर उसे बेचने के प्रयासों पर नागरिकों के सहयोग से ही ज्यादा प्रभावी तरीके से रोक लगाई जा सकती है। अवैध भंडारण की नागरिकों से प्राप्त सूचना पर कार्यवाही करने के लिए अनुविभागीय दंडाधिकारी, कार्यपालिक मजिस्ट्रेटों को अधिकृत किया गया है, जो कृषि उपज मंडी समिति और कृषि विभाग के अधिकारियों के सहयोग से कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक