सागर : देवरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कलेक्टर का निरीक्षण, एचआरपी ट्रैकिंग में लापरवाही पर कार्रवाई के निर्देश

 


सागर, 26 सितंबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान 2026 के तहत सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने शनिवार को देवरी विकासखंड का दौरा कर स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान देवरी विधायक बृज बिहारी पटेरिया के साथ उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया और मरीजों को मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ जगदीश कुमार गोमे, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. देवेश पटेरिया सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, विशेषज्ञ चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ मौजूद रहा।

कलेक्टर और विधायक ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों में पहुंचकर भर्ती मरीजों से सीधे बातचीत की। उन्होंने मरीजों से उपचार, दवाओं की उपलब्धता और चिकित्सकों की मौजूदगी के संबंध में जानकारी ली। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि मरीजों को शासन की मंशा के अनुरूप समय पर नि:शुल्क और आवश्यक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने गर्भवती महिलाओं से बातचीत कर उनकी एएनसी जांच और आशा तथा एएनएम कार्यकर्ताओं द्वारा किए जा रहे नियमित भ्रमण की जानकारी ली। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी) मामलों की समीक्षा के दौरान सामने आया कि अनमोल पोर्टल पर स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की नियमित विजिट दर्ज नहीं की जा रही है।

इस पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए पोर्टल पर रियल टाइम डेटा अपडेट नहीं करने वाले जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने एचआरपी मामलों की नियमित निगरानी और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं समय पर उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

स्वास्थ्य केंद्र में जांच के लिए पहुंची गर्भवती महिलाओं के बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने पर भी कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने ब्लॉक कम्युनिटी मैनेजर को फटकार लगाते हुए परिसर में पर्याप्त और आरामदायक बैठने की व्यवस्था तत्काल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने लेबर रूम का निरीक्षण करते हुए निर्देश दिए कि गर्भवती महिलाओं की सभी आवश्यक पैथोलॉजी जांच अस्पताल में ही समय पर कराई जाएं। उन्होंने कहा कि मरीजों को जांच के लिए निजी प्रयोगशालाओं में जाने की आवश्यकता नहीं पड़नी चाहिए।

निरीक्षण के दौरान मरीजों के परिजनों ने प्रसव के बाद मिलने वाले शासकीय आर्थिक लाभों को लेकर जानकारी मांगी। इस पर कलेक्टर ने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र हितग्राही को बिना किसी बाधा के उपलब्ध कराया जाएगा।

इसके बाद प्रशासनिक दल ने अस्पताल के रसोईघर और मेडिकल स्टोर का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने स्टॉक रजिस्टर की जांच करते हुए मरीजों को समय पर गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने और पैथोलॉजी रिपोर्ट समय पर देने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के अंतिम चरण में कलेक्टर ने पोषण पुनर्वास केंद्र का जायजा लिया। यहां कुपोषित बच्चों की देखभाल और उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की गई। व्यवस्थाओं में मिली कमियों पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई और प्रभारी सीडीपीओ को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि स्वास्थ्य केंद्र में आने वाले मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ गर्भवती महिलाओं, नवजात और कुपोषित बच्चों से जुड़ी स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार चौबे