दमोह: सीएम हेल्पलाइन में लापरवाही पर कलेक्टर ने 31 अधिकारियों को थमाया नोटिस

 


दमोह, 10 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के दमोह जिले में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शिकायतों के निराकरण में लगातार सामने आ रही लापरवाही पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट प्रताप नारायण यादव ने बुधवार को जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की मासिक ग्रेडिंग संतोषजनक नहीं पाए जाने तथा शिकायतों के निराकरण में अपेक्षित प्रगति नहीं होने के कारण विभिन्न विभागों के 31 अधिकारियों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किए गए हैं।

कलेक्टर ने बताया कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की नियमित समीक्षा के दौरान पाया गया कि कई विभागों द्वारा शिकायतों का समयसीमा में निराकरण नहीं किया जा रहा है। अनेक शिकायतें अनावश्यक रूप से लंबित हैं, जबकि कई मामलों में दर्ज किए गए उत्तर समाधानकारक नहीं पाए गए। इसके परिणामस्वरूप शिकायतें उच्च स्तर तक पहुंच रही हैं और जिले की रैंकिंग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान का महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे में शिकायतों के प्रति उदासीनता और लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे शिकायतों को निर्धारित समय-सीमा में अटेंड करें और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करें।

कारण बताओ सूचना पत्र प्राप्त करने वाले अधिकारियों में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत हटा हलधर मिश्रा, पथरिया रामेश्वर प्रसाद पटेल, जबेरा मनीष बागरी, तेंदूखेड़ा के.के. पांडे, नगर पालिका अधिकारी राजेन्द्र सिंह लोधी ठाकुर, उप संचालक कृषि ग्यारसी लाल अहिरवार, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी उमाशंकर प्रजापति, प्रभारी मंडी सचिव कैलाश चंद कुशवाहा, महाप्रबंधक केंद्रीय सहकारी बैंक अभिषेक मोहन व्यास, कलेक्ट्रेट कार्यालय अधीक्षक भारत कुमार प्रधान, कनिष्ठ अभियंता सपनेश धुर्वे, आईसीआईसीआई बैंक के रीजनल मैनेजर नितिन नेमा, इंडियन बैंक के मुख्य प्रबंधक सतीश चंद्र दीक्षित, आंचलिक प्रबंधक रमेश कुमार, रीजनल मैनेजर समीर कुमार, रंजन मिश्रा, आशीष सिंह, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी पल्लवी जैन, तहसीलदार तेंदूखेड़ा विवेक व्यास, एकलव्य विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रफुल्ल शर्मा, पंजाब नेशनल बैंक के मंडल प्रमुख प्रबुद्ध शर्मा, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक हेमंत कुमार, जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. प्रहलाद पटेल, विकासखंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. डी.के. राय, विकासखंड शिक्षा अधिकारी वाय.के. कोरी, धर्मेंद्र चौबे, विकासखंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. उमाशंकर पटेल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश कुमार अठ्या, तत्कालीन तहसीलदार सोनम पांडे, प्रभारी परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास पूजा मरावी तथा उप संचालक पशुपालन एवं कुक्कुट डॉ. बी.के. असाटी शामिल हैं।

कलेक्टर श्री यादव ने संबंधित अधिकारियों से तीन दिवस के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा है। सूचना पत्र में उल्लेख किया गया है कि शिकायतों के निराकरण में की जा रही लापरवाही के कारण जिले की ग्रेडिंग प्रभावित हो रही है, जो प्रशासनिक दृष्टि से गंभीर विषय है।

कलेक्टर ने चेतावनी दी है कि यदि आगामी समीक्षा में जिले की रैंकिंग में सुधार नहीं पाया गया अथवा शिकायतों के समाधान संतोषजनक नहीं मिले, तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित कर सक्षम प्राधिकारी को प्रकरण भेजे जाएंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि निर्धारित समयावधि में जवाब प्रस्तुत नहीं करने की स्थिति में एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी की होगी।

उन्होंने कहा कि जिले की रैंकिंग में सुधार और आम नागरिकों को बेहतर प्रशासनिक सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शिकायतों का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित करना सभी अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। जिला प्रशासन इस दिशा में लगातार समीक्षा और निगरानी करता रहेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / हंसा वैष्णव