अनूपपुर: सिविल सर्जन को फटकार जिला चिकित्सालय को रेफलर सेंटर ना बनाएं- कलेक्टर

 




अनूपपुर, 13 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिला चिकित्सालय का निरीक्षण रविवार शाम कलेक्टर रत्नाकर झा ने औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं को सुधारने के निर्देश दिये।

उन्होंने सिविल सर्जन को फटकार लगाते हुए कहा कि जिला चिकित्सालय को रेफलर सेंटर ना बनाएं जब आवश्यक हो तभी मरीजों को रेफर किया जाए। उन्होंने सख्त लहजे से हिदायत देते हुए कहा कि इसकी शिकायत मिली तो करवाई आवश्यक होगी। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को इसके जांच की भी निर्देश दिए हैं।

इस दौरान मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं का जायजा लेकर चिकित्सालय के विभिन्न विभागों का निरीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके साथ ही जिला चिकित्सालय के सभागार में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा बैठक में कहा कि बेहतर हों स्वास्थ्य सेवाएं स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और मरीजों को बेहतर, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने नेत्र कक्ष, पोषण पुनर्वास केंद्र, ब्लड बैंक, सीटी स्कैन कक्ष सहित विभिन्न विभागों की व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। उन्होंने मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं एवं उपलब्ध संसाधनों की जानकारी प्राप्त की। दवा वितरण केंद्र का भी निरीक्षण कर वहां उपलब्ध दवाइयों की जानकारी प्राप्त कर आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता करने के निर्देश दिए। साथ ही एक्सपायरी दवाइयों के उचित प्रबंधन एवं निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उनके डिस्पोजल के लिए निर्देश दिए। मरीजों को बेहतर, सुलभ एवं समयबद्ध स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा चिकित्सालय की व्यवस्थाओं की नियमित मॉनिटरिंग की बात कहीं।

जिले में संचालित संदर्भ स्वास्थ्य व्यवस्थाओं एवं सुविधाओं की समीक्षा

कलेक्टर रत्नाकर झा ने जिले में संचालित संदर्भ स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं बेहतर बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि जिला चिकित्सालय में गंभीर मरीजों को आवश्यक एवं मूलभूत चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए समुचित व्यवस्था की जाए तथा मरीजों को अनावश्यक रूप से अन्य स्थानों पर रेफर न किया जाए।

जिला चिकित्सालय में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए मरीजों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराया जाए। सीटी स्कैन सेवाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि केवल आवश्यकता वाले मरीजों का ही सीटी स्कैन किया जाए तथा अनावश्यक जांच से बचा जाए। मौसमी बीमारियों, विशेषकर सर्दी, बुखार एवं अन्य संक्रमण से संबंधित मरीजों की स्थिति की भी विस्तृत जानकारी प्राप्त की। इस दौरान प्रतिदिन ओपीडी में आने वाले मरीजों एवं भर्ती मरीजों की संख्या और उन्हें उपलब्ध कराई जा रही उपचार सुविधाओं की समीक्षा की।

कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मरीजों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। दवा वितरण केंद्र में आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता करने, साफ-सफाई की व्यवस्था बनाए रखने तथा चिकित्सकों की नियमित उपस्थिति पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। साथ ही जिला चिकित्सालय की अन्य महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं की भी समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। बैठक में स्वास्थ्य विभाग से संबंधित विभिन्न शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन एवं उनकी मॉनिटरिंग की भी विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति की जानकारी प्राप्त करते हुए कहा कि शासन की स्वास्थ्य सेवाओं और योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाये।

बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अलका तिवारी, सिविल सर्जन डॉ एस आर परस्ते, डॉ एस सी राय, डॉ प्रवीण शर्मा सहित अन्य डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ उपस्थित रहें।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला