भोपाल में एक ही छत के नीचे होगी पूरी नगर सरकार, मुख्यमंत्री ने नगर निगम के 'अटल भवन' का किया लोकार्पण
- आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल तकनीक से तैयार की गई आठ मंजिला बिल्डिंग
भोपाल, 07 मई (हि.स.) । राजधानी भोपाल के तुलसी नगर (सेकंड स्टॉप) में नवनिर्मित नगर निगम मुख्यालय 'अटल भवन' का गुरुवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उद्घाटन किया। लगभग 43 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुई यह आठ मंजिला इमारत अब शहर की पूरी 'नगर सरकार' का केंद्र होगी। इस भवन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि अब नागरिकों को निगम से जुड़े विभिन्न कार्यों के लिए शहर के अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, बल्कि एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
बिल्डिंग जियोथर्मल तकनीक से लैस
अटल भवन को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल तकनीक से तैयार किया गया है। यह मध्य प्रदेश की पहली ऐसी नगरीय निकाय बिल्डिंग है जो जियोथर्मल तकनीक से लैस है। भवन परिसर में लगे सोलर पैनलों के माध्यम से 300 किलोवाट बिजली का उत्पादन होगा। इसी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने नीमच जिले में भोपाल नगर निगम द्वारा स्थापित 10.5 मेगावॉट के सोलर पावर प्रोजेक्ट का भी लोकार्पण किया, जो निगम की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम है।
सभी विभागों की जानकारी और सेवाएं एक ही जगह मिलेंगी
प्रशासनिक व्यवस्था की दृष्टि से इस बिल्डिंग के भूतल (ग्राउंड फ्लोर) पर एक जनसुविधा केंद्र स्थापित किया गया है, जहां प्रवेश करते ही नागरिकों को सभी विभागों की जानकारी और सेवाएं मिल सकेंगी। भवन के विभिन्न तलों पर महापौर, एमआईसी सदस्य, कमिश्नर और स्मार्ट सिटी के कार्यालयों सहित जन्म-मृत्यु पंजीकरण, विवाह पंजीयन, टैक्स काउंटर, जल कार्य, और बिल्डिंग परमिशन जैसी महत्वपूर्ण शाखाओं को व्यवस्थित किया गया है। वर्तमान में शहर के अलग-अलग हिस्सों जैसे आईएसबीटी, माता मंदिर, शाहपुरा और फतेहगढ़ में चल रहे दफ्तर अब इसी परिसर में समाहित हो जाएंगे।
ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट का रखा गया विशेष ध्यान
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के निर्माण में ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट का विशेष ध्यान रखा गया है, हालांकि कुछ तकनीकी चुनौतियां भी सामने आई हैं। पांच एकड़ में फैले इस परिसर में मुख्य मीटिंग हॉल का प्रावधान मूल योजना में छूट जाने के कारण अब पास की अतिरिक्त भूमि पर अलग से हॉल बनाने की तैयारी है। इस भवन के निर्माण की प्रक्रिया तीन निगम आयुक्तों के कार्यकाल से होकर गुजरी है। वर्तमान में इसके शुरू होने से निगम प्रशासन की कार्यक्षमता बढ़ने और जनता के लिए प्रक्रियाएं सरल होने की उम्मीद जताई जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत