छिंदवाड़ा : कुएं का पानी पीने से 25 ग्रामीण बीमार, पानी में मिला जहरीला पदार्थ, प्रशासन अलर्ट

 


छिंदवाड़ा, 24 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के बिछुआ विकासखंड अंतर्गत खमरा पंचायत के किशनपुर गांव में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब सार्वजनिक कुएं का पानी पीने और उससे नहाने के बाद 25 ग्रामीणों की तबीयत बिगड़ गई। ग्रामीणों ने हाथ-पैर में खुजली, एलर्जी और पानी से तेज बदबू आने की शिकायत की। मामले की सूचना मिलते ही प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई।

ग्रामीणों के अनुसार सुबह गांव में नल-जल योजना के तहत कुएं से पानी की आपूर्ति की गई थी। कुछ लोगों ने इस पानी का सेवन किया, जबकि कई लोगों ने इससे स्नान किया। कुछ ही देर बाद लोगों को पानी में असामान्य गंध महसूस हुई और शरीर पर एलर्जी व खुजली जैसे लक्षण दिखाई देने लगे। इसके बाद ग्रामीणों ने पानी की जांच की तो उसमें झाग और फेस बनता दिखाई दिया।

कुएं से मिला संदिग्ध जहरीले पदार्थ का पाउच

मामला उस समय और गंभीर हो गया जब ग्रामीणों ने कुएं में बाल्टी डालकर जांच की तो उसमें एक संदिग्ध जहरीले पदार्थ (पॉयजन) का पाउच मिला। इसके अलावा कुएं में मरी हुई मछलियां और कीड़े-मकोड़े भी पाए गए। ग्रामीणों का आरोप है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने जानबूझकर कुएं में जहरीला पदार्थ मिलाया है। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने तत्काल जलापूर्ति बंद करवा दी, लेकिन तब तक कई लोग पानी का उपयोग कर चुके थे।

पांच एंबुलेंस रवाना, ग्रामीण अस्पताल जाने से कर रहे इनकार

प्रशासन ने एहतियातन पांच एंबुलेंस गांव भेजीं और प्रभावित लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण शुरू कराया। हालांकि अधिकांश ग्रामीण खुद को सामान्य बताते हुए अस्पताल जाने से बचते नजर आए। स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार लोगों की निगरानी कर रही है।

एसडीएम और पीएचई टीम मौके पर पहुंची

घटना की सूचना मिलते ही चौरई एसडीएम प्रभात मिश्रा, पीएचई विभाग की एसडीओ सीता मरकाम तथा स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने कुएं का निरीक्षण कर पानी के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं। एसडीएम प्रभात मिश्रा ने बताया कि पानी दूषित होने के कारणों की जांच की जा रही है। फिलहाल किसी भी ग्रामीण की हालत गंभीर नहीं है, लेकिन एहतियात के तौर पर स्वास्थ्य परीक्षण कराया जा रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि जांच रिपोर्ट आने तक कुएं के पानी का उपयोग न करें।

आपराधिक एंगल से भी जांच

प्रारंभिक स्थिति को देखते हुए प्रशासन मामले की जांच आपराधिक एंगल से भी कर रहा है। यदि यह साबित होता है कि किसी ने जानबूझकर पानी के स्रोत में जहरीला पदार्थ मिलाया है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और पानी के दूषित होने के वास्तविक कारणों का पता लगाना है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे