छिंदवाड़ा जिले कोयला खनन की शिकायतों के बाद कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश
छिंदवाड़ा, 01 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के जुन्नारदेव क्षेत्र के रामपुर स्थित दूधपानी इलाके में बड़े पैमाने पर अवैध कोयला खनन की शिकायतों के बाद कलेक्टर ने विभागीय अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए हैं।
दरअसल, क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध कोयला खनन की शिकायतें सामने आ रही थीं। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले एक माह से यहां हजारों टन कोयला मशीनों के जरिए निकाला गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर हरेंद्र नारायण ने इसे संज्ञान में लिया और वन विभाग तथा राजस्व विभाग के अधिकारियों को मौके पर पहुंचाकर जांच करने के निर्देश दिए।
हालांकि शनिवार दोपहर तक कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इस पर दोबारा निर्देश जारी किए गए, जिसके बाद देर शाम वन विभाग और राजस्व की संयुक्त टीम दूधपानी पहुंची। अधिकारियों के अनुसार कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है और विस्तृत जानकारी नेटवर्क समस्या के कारण देर से उपलब्ध हो पा रही है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक दूधपानी क्षेत्र की पहाड़ियों और जमीन से भारी मशीनों के जरिए कोयला निकाला जा रहा है। बड़ी मात्रा में निकाला गया कोयला खुले मैदान में जमा किया गया है और उसे दूसरे जिलों में भेजने की तैयारी की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि इस अवैध खनन से शासन को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो सकता है।
बताया जा रहा है कि दूसरे जिले के एक प्रभावशाली नेता के करीबी लोगों ने यहां जमीन खरीदी है और कोयला मिलने के बाद अवैध खनन शुरू कर दिया गया। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन कलेक्टर हरेंद्र नारायण ने स्पष्ट किया है कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / sandeep chowhan