श्योपुरः कूनो में प्रतिदिन 35 हजार के हिसाब से एक साल में 1.27 करोड़ की बकरी खा गये चीता
श्योपुर, 26 फ़रवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में गुरुवार को कूनो राष्ट्रीय उद्यान में पल रहे चीतों के रख-रखाव एवं भोजन के जो आंकड़े पेश किये गये है, उसके अनुसार चीता प्रतिदिन 35 हजार रूपये का बकरी का मांस खा रहे है और पिछले एक वर्ष में चीता एक करोड़ 27 लाख रूपये की बकरियों का मांस खा चुके हैं।
मालूम हो कि, दक्षिण अफ्रीका से सबसे पहले 12 चीते लाये गये थे, प्रारंभ में लाए गए 12 चीतों में से वर्तमान में 8 दक्षिण अफ्रीकी चीते स्थापित आबादी का हिस्सा हैं। स्थापित चीतों में से 3 को मध्यप्रदेश के गांधी सागर अभयारण्य में स्थानांतरित किया गया है, जो दूसरा परिचय स्थल है।
शेष 5 दक्षिण अफ्रीकी चीते कूनो नेशनल पार्क में हैं। कूनो में मौजूद सभी 3 स्थापित दक्षिण अफ्रीकी वयस्क मादाओं ने सफलतापूर्वक प्रजनन किया है। वर्तमान में दक्षिण अफ्रीकी माताओं से जन्में 10 शावक स्वस्थ हैं, जिनमें शामिल हैं। 3 मादा उप-वयस्क, नर उप-वयस्क, नवजात शावक, चीता गामिनी दूसरी बार माँ बनी है। उसकी पहली संतति में 3 स्वस्थ उप-वयस्क हैं, जबकि दूसरी संतति में 3 नवजात शावक हैं। वीरा अपने 13 माह के नर शावक के साथ खुले जंगल में विचरण कर रही है, जबकि निर्वा 10 माह के अपने 3 शावकों के साथ बंद प्राकृतिक वन परिक्षेत्र में है।
17 सितंबर 2022 को लाए गए 8 नामीबियाई चीतों में से वर्तमान में 3, कूनो में स्वस्थ एवं स्थापित हैं। कूनो में स्थापित दोनों नामीबियाई वयस्क मादाओं ने सफलतापूर्वक प्रजनन किया है। वर्तमान में नामीबियाई माताओं से जन्मे 12 शावक स्वस्थ हैं, जिनमें शामिल हैं। भारत में जन्मी पहली वयस्क मादा चीता ‘मुखी’ ने भी सफलतापूर्वक प्रजनन किया है। उसके 3 माह के 5 शावक हैं। भारत में वर्तमान में कुल चीतों की संख्या 38 है। 35 कूनो नेशनल पार्क में, 3 गांधी सागर अभयारण्य में हैं।
28 फरवरी को बोत्सवाना से कूनो आएंगे 8 चीते
चीता पुनर्वास परियोजना के तहत तीसरे चरण में आठ चीते 28 फरवरी को बोत्सवाना से कूनो लाए जा रहे हैं। इनमें दो वयस्क मादा और छह नर चीते शामिल हैं। मिली जानकारी के अनुसार कार्यक्रम में केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव भी भागीदारी कर सकते हैं। अतिथियों के आगमन को लेकर कूनो राष्ट्रीय उद्यान में 5 हेलीपैड बनाए गए हैं। बोत्सवाना की राजधानी गैबोरोन के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से भारतीय वायुसेना का विशेष परिवहन विमान चीतो को लेकर ग्वालियर वायुसेना स्टेशन पर उतरेगा। यहां से एयरफोर्स के हेलीकाप्टर के जरिए चीतों को कूनो नेशनल पार्क लाया जाएगा।
भारत में चीतों पर एक नजर....
35 चीते कूनो राष्ट्रीय उद्यान में
03 चीते गांधी सागर अभ्यारण्य में
20 चीते नामीबियाई मूल के हैं। इनमें 17 का जन्म भारत में हुआ।
18 चीते दक्षिण अफ्रीकी मूल के हैं। इनमें 10 का जन्म भारत में हुआ।
39 चीते अब तक भारत में जन्मे
27 चीते वर्तमान में जीवित हैं
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत वैष्णव