भोपालः कोलार पंप गृह की क्षमता बढ़ी, वर्ष 2040 तक भोपाल में पर्याप्त पेयजल आपूर्ति की तैयारी

 


भोपाल, 26 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बढ़ती आबादी की पेयजल जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अमृत-2.0 परियोजना के तहत कोलार जलप्रदाय व्यवस्था की क्षमता बढ़ाई गई है। परियोजना के पूर्ण होने के बाद वर्ष 2040 तक शहरवासियों को पर्याप्त मात्रा में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।

महापौर मालती राय ने बुधवार को कोलार जलशोधन संयंत्र स्थित अशुद्ध जल पंप गृह में स्थापित नवीन मोटर पंपों का बटन दबाकर शुभारंभ किया। इस अवसर पर महापौर परिषद सदस्य एवं जिला भाजपा अध्यक्ष रविन्द्र यती, अपर आयुक्त तन्मय वशिष्ठ शर्मा, अधीक्षण यंत्री उदित गर्ग सहित नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

170 से बढ़कर 220 एमएलडी होगी क्षमताअमृत-2.0 परियोजना के तहत कोलार जलशोधन संयंत्र में रॉ वाटर के छह तथा क्लियर वाटर के छह नए पंप स्थापित किए गए हैं। नए पंपों के संचालन के बाद कोलार परियोजना की जलप्रदाय क्षमता 170 एमएलडी से बढ़कर 220 एमएलडी हो जाएगी। इससे भोपाल की बढ़ती आबादी को वर्ष 2040 तक पेयजल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

वर्तमान में कोलार परियोजना से प्रतिदिन 68 उच्चस्तरीय टंकियां भरी जाती हैं। इसके माध्यम से शहर की करीब 38 प्रतिशत आबादी को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। परियोजना का कार्य पूरा होने के बाद अमृत-2.0 के तहत निर्मित नई उच्चस्तरीय टंकियों को भी जल से भरा जा सकेगा।

432 करोड़ रुपये की परियोजना में 600 किलोमीटर पाइपलाइनभारत सरकार की अमृत-2.0 योजना के तहत भोपाल में जलप्रदाय व्यवस्था के विस्तार और सुदृढ़ीकरण का कार्य किया जा रहा है। इसके लिए 3 जुलाई 2025 को 432 करोड़ रुपये का कार्यादेश जारी किया गया था। परियोजना के अंतर्गत शहर में 36 उच्चस्तरीय टंकियों का निर्माण, चार जलशोधन संयंत्रों की क्षमता में वृद्धि, करीब 600 किलोमीटर लंबा पाइपलाइन नेटवर्क तथा चार इंटेकवेल का निर्माण शामिल है। इन कार्यों के पूरा होने से शहर की जलप्रदाय व्यवस्था को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप मजबूत किया जा सकेगा।

नगर निगम के अनुसार कोलार जलशोधन संयंत्र एवं अशुद्ध जल पंप गृह में नवीन मोटर पंपों की स्थापना इसी योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। क्षमता में वृद्धि के बाद जलशोधन और वितरण व्यवस्था को विस्तार मिलेगा तथा आने वाले वर्षों में भोपाल की बढ़ती आबादी की पेयजल आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायता मिलेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजू विश्वकर्मा