कैंसर दवाओं की कीमतों में बढ़ोतरी पर उमंग सिंघार का सरकार पर हमला, आयुष्मान योजना की सीमा बढ़ाने की मांग

 


भाेपाल, 20 जून (हि.स.)। कैंसर उपचार में उपयोग होने वाली कुछ दवाओं की कीमतों में वृद्धि और उनकी उपलब्धता को लेकर मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने केंद्र एवं राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि बढ़ती दवा कीमतों और बाजार में दवाओं की कमी से कैंसर मरीजों तथा उनके परिजनों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।

उमंग सिंघार ने शनिवार काे मीडिया में जारी अपने बयान में कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के इलाज में इस्तेमाल होने वाली कई आवश्यक दवाओं के दाम बढ़ने से मरीजों की परेशानी बढ़ी है। उनका आरोप है कि कुछ जीवनरक्षक दवाओं की कीमतों में 50 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे इलाज का खर्च काफी बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि एक कीमोथेरेपी साइकिल का खर्च पहले की तुलना में दो से तीन हजार रुपये तक बढ़ गया है। वहीं जिन मरीजों को 6 से 12 कीमोथेरेपी साइकिल की जरूरत होती है, उनके इलाज पर कुल अतिरिक्त खर्च 15 से 20 हजार रुपये तक पहुंच सकता है। इसका सबसे अधिक असर आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यमवर्गीय परिवारों पर पड़ रहा है।

नेता प्रतिपक्ष ने यह भी दावा किया कि कीमतों में वृद्धि के बावजूद कुछ महत्वपूर्ण प्लैटिनम-बेस्ड दवाएं, जैसे सिस्प्लैटिन और कार्बोप्लैटिन, बाजार में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने और कथित कालाबाजारी पर रोक लगाने की मांग की।

आयुष्मान योजना की सीमा बढ़ाने की मांग

उमंग सिंघार ने सरकार से मांग की है कि जब तक दवाओं की कीमतों में राहत नहीं मिलती और उनकी उपलब्धता सामान्य नहीं होती, तब तक आयुष्मान भारत योजना के तहत कैंसर मरीजों के उपचार की वित्तीय सीमा बढ़ाई जाए। उनका कहना है कि किसी भी मरीज का इलाज आर्थिक कारणों या दवाओं की कमी के चलते प्रभावित नहीं होना चाहिए। उन्होंने सरकार से कैंसर मरीजों से जुड़े इस मुद्दे पर प्राथमिकता के आधार पर ध्यान देने और राहतकारी कदम उठाने की अपील की है।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे