अनूपपुर: बोरर कीट का प्रकोप: 60 हजार पेड़ संक्रमित, 9535 पेड़ों की कटाई की अनुमति मांगी
अनूपपुर, 02 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के अमरकंटक वन परिक्षेत्र में साल बोरर कीटों के संक्रमण से वन विभाग चिंतित है। यहां लगभग 60 हजार साल वृक्ष इस संक्रमण से प्रभावित पाए गए हैं। संक्रमण को अन्य स्वस्थ पेड़ों तक फैलने से रोकने के लिए वन विभाग ने 9,535 अत्यधिक संक्रमित साल वृक्षों की कटाई की अनुमति भारत सरकार से मांगी है। अमरकंटक वन परिक्षेत्र 8584 हेक्टेयर में फैला है, जहां लगभग 40 लाख साल के घने वृक्षों का वन हैं।
संक्रमण रोकने की कोशिश जारी
वनमंडलाधिकारी डेविड व्यंकटराव चनाप ने रविवार को बताया कि 60 हजार वृक्षों में से 9,535 पेड़ अधिक संक्रमित हैं, जबकि अन्य पेड़ों में संक्रमण अभी प्रारंभिक स्तर पर है, जिसे रोका जा सकता है। संक्रमित पेड़ों को उनकी स्थिति के अनुसार टी-1 से टी-6 श्रेणी में वर्गीकृत किया गया है।
डीएफओ के अनुसार, साल बोरर कीट का जीवनकाल करीब डेढ़ वर्ष होता है। यदि अंडे देने से पहले वयस्क कीटों को पकड़ लिया जाए, तो संक्रमण की श्रृंखला को काफी हद तक रोका जा सकता है।
संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए 16 वन समितियों को विशेष अभियान में लगाया गया है। अब तक 24 हजार से अधिक साल बोरर कीट पकड़े जा चुके हैं। विभाग वरिष्ठ अधिकारियों और वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन में अंडों से निकलने वाले लार्वा एवं पीपा अवस्था को नियंत्रित करने के लिए आगे की रणनीति तैयार कर रहा है।
देहरादून से विशेषज्ञों की टीम कर चुकी निरीक्षण
फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट, देहरादून की विशेषज्ञ टीम ने अमरकंटक पहुंचकर प्रभावित क्षेत्रों का अध्ययन किया। बारिश के बाद स्टेट फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट, जबलपुर की टीम भी क्षेत्र का दौरा कर वैज्ञानिक उपायों पर अध्ययन करेगी। देहरादून टीम के दौरे के बावजूद, वर्तमान में कीड़ों को पकड़ने, ट्रिप ट्री पद्धति अपनाने और पेड़ों की कटाई की अनुमति पर ही जोर दिया जा रहा है ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला