रीवा में कमर्शियल गैस की किल्लत से ठप पड़ा कारोबार, चौपाटी की आधी दुकानें बंद

 


रीवा, 17 मार्च (हि.स.)। मध्यप्रदेश के रीवा शहर में कमर्शियल गैस सिलेंडरों की भारी कमी ने छोटे व्यापारियों के सामने बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। शहर की चौपाटी, जो आमतौर पर ग्राहकों की भीड़ से गुलजार रहती है, अब सूनी दिखाई देने लगी है। गैस की अनुपलब्धता के कारण बड़ी संख्या में दुकानदारों को अपनी दुकानें बंद करने पर मजबूर होना पड़ा है।

जानकारी के अनुसार चौपाटी क्षेत्र में करीब 55 से 60 दुकानें संचालित होती हैं, लेकिन वर्तमान हालात में केवल 24 से 25 दुकानें ही किसी तरह खुल पा रही हैं, जबकि शेष दुकानों पर ताले लटके हुए हैं। जो दुकानें खुली हैं, वे भी सीमित संसाधनों के सहारे काम चला रही हैं।

छोटे व्यापारियों का कहना है कि गैस सिलेंडर नहीं मिलने से उन्हें कच्चा माल घरों में लकड़ी के चूल्हों पर तैयार करना पड़ रहा है। वहीं कुछ दुकानदार डीजल स्टोव का उपयोग कर रहे हैं, जिससे लागत बढ़ रही है और काम की रफ्तार भी धीमी हो गई है। कई दुकानदार अब केवल ग्राहकों की मांग पर सीमित रूप से फ्राई या हल्के नाश्ते ही तैयार कर पा रहे हैं।

व्यापारियों के मुताबिक फिलहाल उनके पास पहले से उपलब्ध कुछ पुराने कमर्शियल सिलेंडर ही सहारा हैं। जैसे ही ये खत्म होंगे, पूरी चौपाटी के बंद होने का खतरा और गहरा सकता है।

इसी बीच एक और चिंताजनक पहलू सामने आया है। गैस की कमी के चलते कुछ लोग घरेलू सिलेंडर से कमर्शियल सिलेंडर में गैस भरने का जोखिम भरा काम कर रहे हैं। यह प्रक्रिया बेहद खतरनाक मानी जाती है और इससे किसी भी समय बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।

इन हालातों को लेकर जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों और व्यापारियों का आरोप है कि गैस जैसी बुनियादी जरूरत की आपूर्ति सुचारु नहीं हो पा रही है, जबकि प्रशासन इस दिशा में प्रभावी कदम उठाने में विफल नजर आ रहा है।

गैस संकट का असर अब शहर की स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजमर्रा के कारोबार पर साफ दिखाई देने लगा है। यदि जल्द ही स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो चौपाटी के साथ-साथ शहर के कई छोटे व्यापारियों के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो सकता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्‍द्र द्विवेदी