भोपाल में बड़े तालाब के एफटीएल क्षेत्र में चला बुलडोजर, फार्म हाउस-बंगलों पर कार्रवाई शुरू

 


जिला प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त मुहिम, 21 निर्माण चिन्हित

भोपाल, 04 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश की राजधानी भाेपाल के बड़े तालाब (भोज वेटलैंड) के फुल टैंक लेवल (एफटीएल) क्षेत्र में बने अवैध निर्माणों के खिलाफ शनिवार से जिला प्रशासन और नगर निगम ने संयुक्त अभियान शुरू कर दिया। कार्रवाई के तहत गौरागांव और बिशनखेड़ी क्षेत्र में एफटीएल सीमा के भीतर बने फार्म हाउस, बंगले और अन्य अवैध निर्माणों को हटाया जा रहा है। पूरे अभियान के दौरान भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

नगर निगम के अनुसार, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में प्रस्तुत एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) के आधार पर तालाब क्षेत्र में चिन्हित 21 अतिक्रमणों को हटाने की कार्रवाई की जा रही है। अभियान के पहले दिन छह अवैध निर्माणों को हटाने का लक्ष्य रखा गया है। नगर निगम की बिल्डिंग शाखा, जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम सुबह से ही कार्रवाई में जुटी रही। अभियान का नेतृत्व निगम के उपायुक्त भुवन गुप्ता ने किया। मौके पर टीटी नगर एसडीएम अर्चना शर्मा, तहसीलदार कुणाल राउत सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

पहले ही दिए जा चुके थे नोटिस

नगर निगम ने एफटीएल क्षेत्र में आने वाले सभी चिन्हित निर्माणों को पहले ही नोटिस जारी कर दिए थे। नोटिस में स्पष्ट किया गया था कि भोज वेटलैंड के एफटीएल सीमांकन के बाद 50 मीटर के दायरे में आने वाले अवैध निर्माणों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

21 अतिक्रमण चिन्हित, अधिकांश नए निर्माण

नगर निगम की सर्वे रिपोर्ट के अनुसार सेवनिया गौंड, गौरा बिशनखेड़ी और प्रेमपुरा क्षेत्र में कुल 21 अवैध निर्माण चिन्हित किए गए हैं। इनमें तीन निर्माण वर्ष 2022 से पहले के हैं, जबकि शेष 18 निर्माण वर्ष 2022 के बाद किए गए बताए गए हैं।

347 अतिक्रमणों की सूची, अब तक केवल 51 हटे

बड़े तालाब क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने का अभियान इस वर्ष सीमांकन के बाद तेज किया गया था। प्रशासन ने 37 दिनों तक चले सर्वे में 347 अतिक्रमण चिन्हित किए थे, लेकिन अब तक केवल 51 छोटे अतिक्रमण ही हटाए जा सके हैं। इनमें टीटी नगर क्षेत्र के 39 और बैरागढ़ क्षेत्र के 12 अतिक्रमण शामिल हैं। अभी भी 296 अतिक्रमणों पर कार्रवाई शेष है, जिसके लिए टीटी नगर, हुजूर और बैरागढ़ एसडीएम क्षेत्र में चरणबद्ध अभियान चलाया जा रहा है।

बिना अनुमति बने निर्माणों पर कार्रवाई

नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, जिन निर्माणों को हटाया जा रहा है, उनके पास वैध भवन निर्माण अनुमति नहीं है। सुनवाई की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन्हें अवैध मानते हुए ध्वस्तीकरण का निर्णय लिया गया है।

रसूखदारों के फार्म हाउस भी जांच के दायरे में

भदभदा, बिशनखेड़ी, गौरागांव, बील गांव, सेवनिया गौंड और सूरजनगर सहित बड़े तालाब के आसपास कई बड़े फार्म हाउस, बंगले और रिसॉर्ट वर्षों से बने हुए हैं। यह पूरा क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय महत्व की रामसर साइट भोज वेटलैंड का हिस्सा है। पर्यावरण संरक्षण को लेकर लगातार उठते सवालों के बीच प्रशासन की यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब देखना होगा कि अभियान सभी चिन्हित अतिक्रमणों तक पहुंचता है या फिर कार्रवाई सीमित दायरे में ही सिमटकर रह जाती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे