भोपाल में जल वितरण प्रणाली में लीकेज डिटेक्शन और पाइपलाइन मरम्मत का कार्य करेंगी महिलाएं

 


भोपाल, 7 अगस्त (हि.स.)। भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के अमृत 2.0 मिशन के तहत भोपाल में स्व-सहायता समूह की महिलाओं को जल वितरण प्रणाली में लीकेज डिटेक्शन और पाइपलाइन मरम्मत जैसे तकनीकी कार्यों से जोड़ा जा रहा है। इसके लिए भोपाल शहर को देशव्यापी पायलट परियोजना में शामिल किया गया है। गुरुवार से गोविंदपुरा स्थित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में महिलाओं के प्रथम प्रशिक्षण बैच की शुरुआत की गई।

अमृत 2.0 मिशन के अंतर्गत संचालित अमृत मित्र परियोजना में राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन से जुड़ी स्व-सहायता समूह की महिलाएं पहले से ही जल गुणवत्ता परीक्षण, पार्कों के रखरखाव तथा पौधरोपण जैसे कार्यों में सहयोग कर रही हैं। अब योजना का विस्तार करते हुए उन्हें जल वितरण प्रणाली में रिसाव की पहचान और पाइपलाइन मरम्मत जैसे तकनीकी कार्यों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को जल वितरण प्रणाली की संरचना, विभिन्न प्रकार के लीकेज की पहचान, आधुनिक लीकेज डिटेक्शन तकनीकों, आवश्यक उपकरणों के संचालन, पाइपलाइन मरम्मत, सुरक्षा मानकों, गुणवत्ता नियंत्रण तथा फील्ड डॉक्यूमेंटेशन से संबंधित व्यावहारिक और तकनीकी जानकारी दी जा रही है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का अवलोकन करने भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय (अमृत 2.0 मिशन) से संबद्ध सलाहकार उषा गर्ग और अरुण शर्मा भी पहुंचे। उन्होंने प्रशिक्षण स्थल का निरीक्षण किया तथा प्रतिभागियों से संवाद किया। दोनों केंद्रीय सलाहकारों ने इस पहल को शहरी जल प्रबंधन, जल संरक्षण और महिला कौशल विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताते हुए इसकी सराहना की।

अधिकारियों के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को तकनीकी कौशल से जोड़ते हुए उन्हें जलापूर्ति व्यवस्था के संचालन में सहभागी बनाना है। इससे एक ओर शहरी जल वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा, वहीं दूसरी ओर महिलाओं के लिए आजीविका और कौशल विकास के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजू विश्वकर्मा