भोपाल ट्विशा शर्मा मौत मामला: पति समर्थ सिंह के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी, बेल्ट की रिपोर्ट में आत्महत्या के संकेत

 


भोपाल, 19 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में नवविवाहिता ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार उलझता जा रहा है। हाईप्रोफाइल बन चुके इस केस में अब पुलिस जांच, फोरेंसिक रिपोर्ट, कानूनी लड़ाई और दोनों परिवारों के गंभीर आरोप-प्रत्यारोप ने नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

मामले में सबसे बड़ा घटनाक्रम यह है कि मंगलवार काे पुलिस ने ट्विशा के फरार पति समर्थ सिंह के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कर दिया है। पुलिस को आशंका है कि वह गिरफ्तारी से बचने के लिए विदेश भाग सकता है। वहीं, आत्महत्या में इस्तेमाल की गई बेल्ट की लिगेचर रिपोर्ट भी सामने आ गई है, जिसमें बेल्ट से फांसी लगाए जाने की पुष्टि हुई है।

भोपाल पुलिस ने केंद्रीय गृह मंत्रालय और इमिग्रेशन विभाग को पत्र लिखकर समर्थ सिंह का पासपोर्ट निरस्त कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस की छह टीमें लगातार अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दे रही हैं, लेकिन अब तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। समर्थ सिंह पर 10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया है। बताया जा रहा है कि समर्थ सिंह ने अग्रिम जमानत के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन कोर्ट ने उसकी याचिका खारिज कर दी। इसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ कार्रवाई और तेज कर दी है।

बेल्ट की लिगेचर रिपोर्ट में आत्महत्या के संकेत

मामले में मंगलवार को आई लिगेचर रिपोर्ट ने जांच को नया मोड़ दे दिया। रिपोर्ट के अनुसार, ट्विशा की मौत उसी बेल्ट से दम घुटने के कारण हुई, जिसका इस्तेमाल फंदे के रूप में किया गया था। रिपोर्ट में आत्महत्या के संकेत बताए गए हैं। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। पोस्टमार्टम के दौरान कथित तौर पर वह बेल्ट डॉक्टरों को उपलब्ध नहीं कराई गई थी, जिससे फोरेंसिक जांच अधूरी रह गई। बाद में पुलिस ने बेल्ट जांच के लिए सौंपी। परिजनों का आरोप है कि इस चूक के कारण फंदे और गर्दन के निशानों का वैज्ञानिक मिलान सही तरीके से नहीं हो सका।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोटों के निशान

भोपाल एम्स की शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ट्विशा के शरीर पर कई चोटों के निशान मिलने का उल्लेख किया गया है। मृतका के परिजन शुरुआत से ही इसे हत्या का मामला बता रहे हैं। उनका कहना है कि ट्विशा के शरीर पर संघर्ष और मारपीट के संकेत मिले हैं, इसलिए मामले की जांच केवल आत्महत्या के एंगल से नहीं की जानी चाहिए। ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा और भाई मेजर हर्षित शर्मा ने दिल्ली एम्स में दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। इसी मांग को लेकर परिवार ने अब तक शव लेने से इनकार कर दिया है। मौत के आठ दिन बाद भी ट्विशा का शव एम्स की मोर्चरी में रखा हुआ है।

परिवार ने उठाए पुलिस जांच पर सवाल

ट्विशा के परिवार का आरोप है कि एफआईआर दर्ज करने में देरी हुई और पुलिस ने शुरुआत से मामले को आत्महत्या बताने की कोशिश की। परिजनों ने जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी या दूसरे राज्य में कराने की मांग की है। मृतका के भाई मेजर हर्षित शर्मा ने आरोप लगाया कि घटना के बाद पुलिस को तुरंत सूचना नहीं दी गई, जबकि थाना घर के काफी नजदीक था। उनका कहना है कि पूरे घटनाक्रम में कई ऐसे तथ्य हैं जो साजिश की ओर इशारा करते हैं।

सास ने आरोपों को बताया निराधार

मामले में आरोपी बनाई गई ट्विशा की सास और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को अग्रिम जमानत मिल चुकी है। उन्होंने मीडिया के सामने आकर परिजनों के आरोपों को निराधार बताया है। गिरिबाला सिंह ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट को “सनसनी फैलाने” के उद्देश्य से पेश किया जा रहा है। उनका कहना है कि रिपोर्ट में चोटों का स्पष्ट विवरण नहीं दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि परिवार किसी भी एजेंसी से जांच कराना चाहता है तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने ट्विशा के मानसिक तनाव, अवसाद और निजी जीवन से जुड़े कई दावे भी किए। हालांकि, मृतका के परिजनों ने इन बयानों को बेटी की छवि खराब करने की कोशिश बताया है।

शादी के पांच महीने बाद हुई मौत

बता दें कि नोएडा निवासी ट्विशा शर्मा की शादी 12 दिसंबर 2025 को भोपाल के कटारा हिल्स निवासी अधिवक्ता समर्थ सिंह से हुई थी। बीती 12 मई को ट्विशा अपने ससुराल स्थित घर की छत पर फंदे से लटकी मिली थी। इसके बाद से मामला लगातार तूल पकड़ता गया। मायके पक्ष ने दहेज प्रताड़ना, मानसिक उत्पीड़न और हत्या के आरोप लगाए हैं, जबकि ससुराल पक्ष इसे आत्महत्या बता रहा है।

एसआईटी कर रही जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है और फोरेंसिक रिपोर्ट, डिजिटल साक्ष्य तथा संबंधित लोगों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे