उज्जैन में भोपाल निवासी हर्षा रिछारिया ने लिया संन्यास
उज्जैन, 19 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उज्जैन में रविवार को सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, कंटेंट क्रिएटर एवं मॉडल के रूप में ख्यात हर्षा रिछारिया ने पंचायती निरंजनी अखाड़े के पीठाधीश्वर महामण्डलेश्वर सुमनानंदगिरि से सन्यास दीक्षा ले ली। अब उनका नाम स्वामी हर्षानंदगिरि हो गया है।
सन्यास दीक्षा लेने से पूर्व उन्होने मौन तीर्थ आश्रम में उनकी शिखा-दण्ड त्याग विधि सम्पन्न करवाई गई। पश्चात अपने हाथों से स्वयं का पिण्डदान किया और पूर्व जीवन को त्यागकर,सन्यास जीवन की मर्यादाआं का पालन करते हुए आध्यात्मिक जीवन की शुरूआत की। अपने गुरू सुमनानंदगिरि के समक्ष में संकल्प लिया कि अब वे शेष जीवन में धर्म-संस्कृति की पताका फहराएंगी और समाज सेवा के लिए संकल्पित रहेंगी।
स्वामी हर्षानंद गिरि का पूर्व जीवनमूल रूप से उत्तर प्रदेश की झांसी निवासी हर्षा का परिवार भोपाल में रहता है। पिता दिनेश बस चालक तथा माता किरण बुटिक संचालिका है। भाई कपित निजी कम्पनी में काम करता है। स्वयं हर्षा सोश्यल मीडिया इन्फ्लुएंसर,कंटेंट क्रिएटर एवं मॉडल थी। करीब 30 वर्ष आयु पूर्ण करनेवाली हर्षा के इंस्टाग्राम पर 10 लाख से अधिक फालोअर्स हैं। स्नातक पाठ्यक्रम पूर्ण कर उन्होने अहमदाबाद से योग विधा में दक्षता हांसिल की।
तब आई थी सुर्खियों मेंदो वर्ष पूर्व उन्होने पंचायती निरंजनी अखाड़ा के महामण्डलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि से दीक्षा ग्रहण की थी। वे गत प्रयागराज कुंभ में तब सुर्खियों में आई जब अखाड़े की पेशवाई के समय संतों के रथ में बैठी। इस पर शांभवी पीठाधीश्वर स्वामी आनंदस्वरूप ने आपत्ति ली थी और टिप्पणी की थी कि ऐसा करने से समाज में गलत संदेश जाता है।
यह कहा सन्यास दीक्षा लेने के बादसन्यास दीक्षा लेने के बाद स्वामी हर्षानंद गिरि ने कहाकि आज से उनके जीवन का एक नया अध्याय प्रारंभ हो रहा है। अपने गुरू के सान्निध्य और मार्गदर्शन में वे सनातन धर्म के लिए काम करेंगी। सन्यास की सारी मर्यादाओं का वे पालन करेंगी।
स्वामी सुमनानंद गिरि ने कहामहामण्डलेश्वर स्वामी सुमनानंद गिरि ने कहा कि सन्यास दीक्षा लेना एक गहन और अनुशासित प्रक्रिया है। इसमें व्यक्ति को अपने पूर्व जीवन को त्यागकर शेष जीवन में आध्यात्मिक पथ पर चलना होता है। इस बात का ध्यान रखना होता है कि कभी भी सन्यास मर्यादा भंग न हो। एक गलती पूरे समाज परिवार पर प्रभाव डालती है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / ललित ज्वेल