भोपाल में 2022 भर्ती प्रक्रिया के चयनित शिक्षक सड़कों पर उतरे, 8 महीने से अटकी नियुक्ति
भोपाल, 01 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 2022 भर्ती प्रक्रिया के चयनित माध्यमिक और प्राथमिक शिक्षक—विशेष रूप से खेल, गायन, वादन और नृत्य विषयों के अभ्यर्थी—एक बार फिर सड़कों पर उतर आए। नियुक्ति में लगातार हो रही देरी से नाराज अभ्यर्थियों ने धरना देकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। यह उनका पांचवां विरोध प्रदर्शन है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि 25 सितंबर को परिणाम जारी होने और दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद अब तक नियुक्ति नहीं दी गई है। करीब आठ महीने बीत जाने के बाद भी विभाग की ओर से कोई स्पष्ट जॉइनिंग शेड्यूल जारी नहीं किया गया। इस बीच 1 अप्रैल से नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है, लेकिन चयनित शिक्षकों को पदस्थ करने के बजाय गेस्ट फैकल्टी की भर्ती की जा रही है। इससे अभ्यर्थियों में भारी नाराजगी है।
“दो परीक्षाएं पास कीं, फिर भी नौकरी नहीं”
नर्मदापुरम की अभ्यर्थी ज्योति बाम ने कहा कि “हमने कठिन प्रक्रिया से गुजरते हुए दो-दो परीक्षाएं पास की हैं, लेकिन इसके बावजूद नियुक्ति नहीं मिल रही। अब मानसिक और आर्थिक रूप से टूट चुके हैं। सरकार और DPI से मांग है कि जल्द जॉइनिंग दी जाए।” अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि जब वे जॉइनिंग की तारीख पूछते हैं, तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिलता। ज्योति बाम ने बताया कि “डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए कई बार चक्कर लगवाए गए। जब जॉइनिंग डेट पूछी तो कहा गया—आप क्यों पूछ रहे हैं, यह आपका अधिकार नहीं है।”
सीहोर की अभ्यर्थी अनीता सिंह ने कहा कि “मेरिट में नाम आने पर लगा था कि जिंदगी बदल जाएगी, लेकिन अब हालात ऐसे हैं कि समाज और परिवार को जवाब देना मुश्किल हो गया है।”
लंबी भर्ती प्रक्रिया, फिर भी अधर में नियुक्ति
अभ्यर्थियों के अनुसार भर्ती प्रक्रिया कई वर्षों से चल रही है:
2021-22: प्री परीक्षा का नोटिफिकेशन
2022-23: प्री परीक्षा आयोजित
2023-24: प्री का रिजल्ट
2024-25: मुख्य परीक्षा
2025-26: अंतिम परिणाम और दस्तावेज सत्यापन
नियमों के मुताबिक, रिजल्ट के तीन महीने के भीतर नियुक्ति दी जानी चाहिए, लेकिन तय समय सीमा से कहीं अधिक देरी हो चुकी है। लंबे इंतजार के कारण कई अभ्यर्थी आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। उनका कहना है कि लगातार अनिश्चितता के चलते मानसिक तनाव भी बढ़ता जा रहा है, और कुछ अभ्यर्थी अवसाद जैसी स्थिति का सामना कर रहे हैं।
सरकार को दी चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने सरकार और DPI से मांग की है कि जल्द से जल्द जॉइनिंग प्रक्रिया पूरी कर स्कूल आवंटित किए जाएं, ताकि वे नए सत्र में पढ़ाई शुरू करा सकें। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे