भाेपाल: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के विरोध से पहले एनएसयूआई-युवा कांग्रेस नेता हिरासत में, काले झंडे दिखाने की थी तैयारी

 




भोपाल, 13 जून (हि.स.)। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भोपाल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल के 12 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होने पहुंचे हैं। उनके दौरे से पहले शनिवार को पुलिस ने एहतियाती कार्रवाई करते हुए एनएसयूआई और युवा कांग्रेस के कई नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। संगठन के कार्यकर्ता नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय मंत्री को काले झंडे दिखाने और विरोध प्रदर्शन की तैयारी कर रहे थे।

पुलिस ने कुछ नेताओं को उनके घरों से हिरासत में लिया, जबकि कई कार्यकर्ताओं को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर से उठाया गया। कार्रवाई के बाद कांग्रेस और एनएसयूआई ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला। हिरासत में लिए गए नेताओं में युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक परमार, शहर अध्यक्ष अमित खत्री, प्रदेश सचिव धनजी गिरी, एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे और कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव बरोलिया शामिल हैं। संगठन के अनुसार कुछ नेताओं को उनके निवास से ही पुलिस अपने साथ ले गई, जबकि अन्य को कांग्रेस कार्यालय के सामने से हिरासत में लिया गया।

नीट पेपर लीक को लेकर था विरोध

एनएसयूआई और युवा कांग्रेस लंबे समय से नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि देशभर के लाखों छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ हुआ है और केंद्रीय शिक्षा मंत्री को इसकी जवाबदेही लेनी चाहिए। इसी मुद्दे को लेकर संगठन ने धर्मेंद्र प्रधान को काले झंडे दिखाने की योजना बनाई थी। सूत्रों के अनुसार पुलिस को विरोध प्रदर्शन की सूचना पहले ही मिल गई थी, जिसके बाद कार्यकर्ताओं के एकत्रित होने से पहले ही कार्रवाई शुरू कर दी गई।

कांग्रेस ने बताया लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन

कांग्रेस और एनएसयूआई नेताओं ने पुलिस कार्रवाई को लोकतंत्र विरोधी बताते हुए कहा कि सरकार छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। संगठन के पदाधिकारियों ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लोकतंत्र में विरोध को दबाने के बजाय उसे सुनने का साहस होना चाहिए।

उमंग सिंघार ने साधा निशाना

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के दौरे पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार छात्रों से परीक्षा प्रणाली पर भरोसा रखने की अपील कर रही है, जबकि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों ने युवाओं का विश्वास तोड़ दिया है। उन्होंने मऊगंज की छात्रा आकांक्षा की मौत का उल्लेख करते हुए कहा कि यह केवल एक छात्रा की मौत नहीं, बल्कि व्यवस्था की विफलता का प्रतीक है। सिंघार ने कहा कि भोपाल में बयान देने से पहले धर्मेंद्र प्रधान को मऊगंज जाकर पीड़ित परिवार से मिलना चाहिए था।

सीएम हाउस पहुंचे धर्मेंद्र प्रधान

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान शुक्रवार रात भोपाल पहुंचे। शनिवार को उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुख्यमंत्री निवास पर मुलाकात की। इसके बाद वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में शामिल हुए।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे