भोपाल में आज ‘नो-यूपीआई डे’, दाल-चावल व्यापारियों का सांकेतिक विरोध

 




भोपाल, 08 अक्टूबर (हि.स.)। यूपीआई भुगतान पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) के विरोध में भोपाल के दाल-चावल व्यापारी आज गुरुवार काे ‘नो-यूपीआई डे’ मनाएंगे। जुमेरती और हनुमानगंज क्षेत्र के थोक व्यापारी इस दौरान दाे हजार रुपए से अधिक के भुगतान यूपीआई के जरिए स्वीकार नहीं करने का सांकेतिक फैसला लेकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे।

व्यापारियों का कहना है कि यूपीआई आज कारोबार और आम लोगों के लिए भुगतान का प्रमुख डिजिटल माध्यम बन चुका है। ऐसे में इस पर एमडीआर लागू होने से विशेष रूप से छोटे और मध्यम व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है।

15 अक्टूबर से प्रस्तावित चार्ज का विरोध

व्यापारियों के अनुसार 15 अक्टूबर से 2 हजार रुपए से अधिक के यूपीआई भुगतान पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर प्रस्तावित है। 75 हजार रुपए या उससे अधिक के लेनदेन पर यह शुल्क अधिकतम 300 रुपए तक होने की बात कही जा रही है। व्यापारियों का कहना है कि थोक कारोबार में बड़ी राशि के डिजिटल लेनदेन होने के कारण इसका सीधा असर कारोबार की लागत पर पड़ेगा।

भोपाल किराना व्यापारी महासंघ के महामंत्री विवेक साहू ने कहा कि यूपीआई भुगतान व्यापार और आम जनता के लिए तेज, सरल और सुविधाजनक माध्यम बन चुका है। ऐसे में इस पर एमडीआर लगाने से छोटे और मध्यम व्यापारियों पर अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा।

सरकार तक बात पहुंचाने के लिए सांकेतिक प्रदर्शन

विवेक साहू ने बताया कि आठ अक्टूबर को ‘नो-यूपीआई डे’ के माध्यम से व्यापारी शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग सरकार तक पहुंचाएंगे। बाजार के व्यापारियों से इस सांकेतिक विरोध में शामिल होने की अपील की गई है।

डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने में सहयोग का दावा

चावल-दाल व्यापारी संघ के अध्यक्ष महेश रामरख्यानी और सचिव सचिन संगतानी ने कहा कि व्यापारियों ने डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने और डिजिटल इंडिया अभियान में लगातार सहयोग किया है। उन्होंने कहा कि सरकार व्यापारियों की व्यावहारिक समस्याओं को ध्यान में रखते हुए एमडीआर संबंधी प्रस्ताव पर पुनर्विचार करे।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे