भोपाल में मोती मस्जिद के सामने टू-व्हीलर की आवाजाही शुरू, पुलिस ने हटाए बैरिकेड्स, व्यापारी बोले- पूरी बैरिकेडिंग हटाएं

 


भोपाल, 12 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मोती मस्जिद के सामने महीनों से लगी बैरिकेडिंग में बुधवार को पुलिस ने आंशिक राहत दी। पुलिस ने कुछ बैरिकेड्स हटा दिए, जिसके बाद अब टू-व्हीलर और पैदल लोग इस रास्ते से गुजर सकेंगे। हालांकि कार और अन्य चार पहिया वाहनों के लिए रास्ता अब भी बंद है। व्यापारी संगठनों ने इसे अधूरी राहत बताते हुए पूरी बैरिकेडिंग हटाने की मांग की है।

व्यापारियों का कहना है कि केवल बाइक और पैदल आवाजाही शुरू होने से बाजार की समस्याएं दूर नहीं होंगी। उनका कहना है कि जब तक चार पहिया वाहनों और आपातकालीन सेवाओं के लिए रास्ता नहीं खुलता, तब तक कारोबारियों और ग्राहकों को परेशानी होती रहेगी।

7 अगस्त को हुआ था बड़ा प्रदर्शन

बैरिकेडिंग हटाने की मांग को लेकर व्यापारियों ने बीती 7 अगस्त को मोती मस्जिद के सामने बड़े स्तर पर प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान दोपहर तक बाजार भी बंद रखा गया था। इसके अगले दिन सांसद आलोक शर्मा ने पुलिस कमिश्नर संजय कुमार के साथ बैठक की थी। बैठक के बाद बुधवार को पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कुछ बैरिकेड्स हटा दिए।

व्यापारियों ने कहा- दमकल भी नहीं पहुंच पाएगी

बैरिकेड्स हटाए जाने के दौरान व्यापारी भी मौके पर मौजूद रहे। व्यापारी संघ के अध्यक्ष अभिषेक जैन ने कहा कि व्यापारियों ने पुलिस से सभी बैरिकेड्स हटाने की मांग की थी, लेकिन अभी सिर्फ बाइक और पैदल लोगों के लिए रास्ता खोला गया है। उन्होंने कहा कि चार पहिया वाहनों की आवाजाही बंद रहने से समस्या जस की तस बनी रहेगी। आपात स्थिति में दमकल की गाड़ी भी बाजार तक नहीं पहुंच पाएगी। ऐसे में व्यापारियों को पूरी तरह बैरिकेडिंग हटने से ही राहत मिलेगी।

भोपाल व्यापारी महासंघ, श्री सराफा एसोसिएशन, फेडरेशन ऑफ राजधानी वस्त्र व्यवसायी संघ, ओल्ड भोपाल होलसेल रेडीमेड संघ, आजाद मार्केट व्यापारी संघ, नदीम रोड व्यापारी संघ और इब्राहिमपुरा व्यापारी संघ समेत अन्य संगठनों ने भी चौराहे से पूरी बैरिकेडिंग हटाने की मांग की है।

बैरिकेडिंग से बढ़ा ट्रैफिक का दबाव

मोती मस्जिद के सामने इकबाल मैदान चौराहे पर बैरिकेडिंग के कारण भोज सेतु की तरफ से आने वाले वाहनों को वैकल्पिक रास्ते से जाना पड़ता है। वाहन सदर मंजिल और चिरायु अस्पताल होते हुए लखेरापुरा, चौक बाजार, सराफा, जुमेराती, बुधवारा और इब्राहिमगंज समेत पुराने शहर के बाजारों तक पहुंचते हैं। व्यापारियों का कहना है कि पहले वाहन सीधे इन बाजारों तक पहुंच जाते थे, लेकिन बैरिकेडिंग के कारण रास्ता लंबा होने के साथ ट्रैफिक का दबाव भी बढ़ गया है।

आग की घटना के बाद बढ़ी नाराजगी

व्यापारियों की नाराजगी बीती 1 अगस्त की आग की घटना के बाद और बढ़ गई थी। व्यापारियों के मुताबिक, बैरिकेडिंग के कारण दमकल वाहन समय पर चौक बाजार नहीं पहुंच सका था। यहां करीब 100 साल पुरानी कपड़ा दुकान में आग लग गई थी और दमकल के पहुंचने में देरी से आग बुझाने में समय लगा। इसी घटना के बाद व्यापारियों ने बैरिकेडिंग को लेकर पुलिस और प्रशासन के सामने अपनी नाराजगी जतानी शुरू कर दी थी।

अब पूरी बैरिकेडिंग हटाने का इंतजार

फिलहाल पुलिस ने टू-व्हीलर और पैदल लोगों के लिए रास्ता खोल दिया है, लेकिन चार पहिया वाहनों की आवाजाही पर रोक जारी है। व्यापारियों का कहना है कि उनकी मांग आंशिक नहीं, बल्कि पूरी बैरिकेडिंग हटाने की है।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे