भोपाल में मेट्रो टीम पर भड़के कांग्रेस विधायक आतिफ अकील, बोले- बाहर निकलो, पहले अनुमति लेकर काम करें
भोपाल, 06 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश की राजधानी भाेपाल में मेट्राे के ऑरेंज लाइन के फेज-2 के अंडरग्राउंड रूट को लेकर शाही कब्रिस्तान की जमीन का विवाद एक बार फिर सामने आया है। सोमवार देर रात भोपाल टॉकीज के पास स्थित शाही कब्रिस्तान में मेट्रो टीम बैरिकेडिंग और काम की तैयारियों के लिए पहुंची। इसकी सूचना मिलने पर कांग्रेस विधायक आतिफ अकील समर्थकों और समाज के लोगों के साथ मौके पर पहुंचे और काम का विरोध किया।
मौके पर विधायक की मेट्रो और पुलिस अधिकारियों से तीखी बहस हुई। उन्होंने अधिकारियों से सख्त लहजे में कहा, “चलो बाहर निकलो, वरना मैं बदतमीजी करने लगूंगा।” विधायक ने कहा कि शाही कब्रिस्तान की जमीन पर बिना वैधानिक अनुमति कोई काम नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने मेट्रो टीम से मशीनरी और निर्माण सामग्री हटाने को कहा।
पहले शाही औकाफ से अनुमति लेने की मांग
कांग्रेस विधायक अकील ने कहा कि शाही कब्रिस्तान की जमीन पर मेट्रो का काम शुरू करने से पहले संबंधित प्राधिकरण से अनुमति ली जानी चाहिए। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से सवाल किया कि कब्रिस्तान की संपत्ति पर मशीनें और निर्माण सामग्री किस अनुमति के तहत लाई गई हैं। उन्होंने कहा कि पहले शाही औकाफ से अनुमति ली जाए, इसके बाद ही कोई काम किया जाए। विधायक ने कहा कि कब्रिस्तान में उनके पूर्वजों की कब्रें हैं और वे यहां से मेट्रो के अंडरग्राउंड रूट के प्रस्ताव का पहले भी विरोध कर चुके हैं। उन्होंने बिना वैधानिक अनुमति किसी भी तरह का निर्माण कार्य नहीं करने की मांग की।
वक्फ अधिकरण में भी चल रही सुनवाई
शाही कब्रिस्तान से जुड़े रूट को लेकर मध्य प्रदेश राज्य वक्फ अधिकरण में भी सुनवाई चल रही है। मामले में संबंधित पक्षों की ओर से अपनी-अपनी आपत्तियां और दलीलें रखी जा रही हैं। ऐसे में कब्रिस्तान की जमीन और प्रस्तावित अंडरग्राउंड रूट को लेकर विवाद का मामला कानूनी प्रक्रिया में भी है।
3.39 किमी हिस्सा अंडरग्राउंड
गाैरतलब है कि भोपाल मेट्रो के ऑरेंज लाइन फेज-2 में सुभाषनगर से करोंद तक करीब 9.74 किलोमीटर कॉरिडोर प्रस्तावित है। इसमें करीब 5.38 किलोमीटर हिस्सा एलिवेटेड और 3.39 किलोमीटर अंडरग्राउंड रहेगा। एलिवेटेड हिस्से में पुल बोगदा, ऐशबाग, सिंधी कॉलोनी, डीआईजी बंगला, कृषि उपज मंडी और करोंद चौराहा पर छह स्टेशन प्रस्तावित हैं। इस हिस्से पर करीब 650 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है।
अंडरग्राउंड हिस्से में भोपाल रेलवे स्टेशन और नादरा बस स्टैंड स्टेशन शामिल हैं। इस हिस्से के निर्माण पर करीब 890 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। इसी अंडरग्राउंड रूट के शाही कब्रिस्तान के नीचे से गुजरने को लेकर विधायक और अन्य पक्षों की ओर से आपत्ति दर्ज कराई गई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे