भोपालः मैरिज रजिस्ट्रेशन फीस घटेगी, नगर निगम की बैठक में तीन अहम प्रस्ताव पारित

 


भोपाल, 13 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मंगलवार को हुई नगर निगम परिषद की बैठक (एमआईसी) हंगामेदार रही। इस बैठक में भारी हंगामे के बीच शहर से जुड़े तीन अहम प्रस्ताव बहुमत से पारित किए गए। बैठक में मुख्य रूप से जल कनेक्शन व्यवस्था, विवाह पंजीयन शुल्क और अमृत 2.0 योजना पर विचार किया गया।

एमआईसी में कॉलोनियों में बल्क कनेक्शन की जगह सिंगल यानी व्यक्तिगत नल कनेक्शन देने का प्रस्ताव रखा गया है। यह प्रस्ताव एमआईसी मेंबर रविंद्र यति ने रखा। जिसे बहुमत के आधार पर पास किया गया। प्रस्ताव के अनुसार, 70 प्रतिशत से अधिक लोगों की सहमति मिलने पर कॉलोनियों में व्यक्तिगत कनेक्शन दिए जाएंगे। इससे पानी सस्ता पड़ेगा और बिल से जुड़ी परेशानियां कम होंगी।

शहर सरकार का यहा व्यक्तिगत जल कनेक्शन देना बड़ा फैसला है। निगम चुनाव के दौरान बीजेपी ने इसे लेकर वादा किया था। समय-समय पर सांसद और विधायक भी इस मांग को उठाते रहे हैं। वहीं, कांग्रेस भी लगातार व्यक्तिगत कनेक्शन की मांग करती आई है, ताकि आम लोगों को सीधा लाभ मिल सके। बल्क कनेक्शन का मुद्दा कई बार सार्वजनिक मंचों पर उठा है। खासतौर पर होशंगाबाद रोड की कॉलोनियों में बल्क कनेक्शन की बाध्यता के कारण लोग व्यक्तिगत कनेक्शन नहीं ले पा रहे हैं। लोगों मांग कर रहे थे कि उन्हें सिंगल यानी व्यक्तिगत कनेक्शन दिए जाएं, जिससे अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।

भोपाल शहर में कुल 1566 कॉलोनियां हैं, जिनमें से 829 कॉलोनियों में नगर निगम बल्क कनेक्शन के जरिए जलप्रदाय करता है। इन कॉलोनियों में व्यक्तिगत कनेक्शन देने की मांग की जा रही थी। यदि नगर निगम इन कॉलोनियों में संचालन करता है तो वॉल्वमैन, ऑपरेटर, सुपरवाइजर, पाइपलाइन बिछाने और इंटरकनेक्शन पर कुल 801 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसकी डीपीआर तैयार कर ली गई है। इन कॉलोनियों के 74,905 घरों में स्मार्ट मीटर के जरिए जलप्रदाय करने पर प्रति आवास 9709 रुपये का खर्च आएगा। इस पर कुल 72.73 करोड़ रुपये खर्च होंगे। स्मार्ट मीटर सहित कुल व्यय 874.43 करोड़ रुपये होगा। जलप्रदाय के संचालन और संधारण के लिए आउटसोर्सिंग के माध्यम से कॉलोनीवासियों से कार्य कराया जा सकता है। इसके तहत बल्क कनेक्शन का निर्धारित शुल्क 17 रुपए प्रति हजार लीटर नगर निगम को एजेंसी द्वारा दिया जाएगा, जबकि अतिरिक्त राशि एजेंसी कॉलोनीवासियों से वसूलेगी।

प्रस्ताव-2: मैरिज रजिस्ट्रेशन फीस में 3900 रुपए की कटौती

विवाह पंजीयन शुल्क में बड़ी राहत देने का प्रस्ताव रखा गया है। अब 30 दिन के भीतर आवेदन करने पर रजिस्ट्रेशन फीस सिर्फ 130 रुपए लगेगी। नगर निगम के अनुसार अब तक विवाह पंजीयन शुल्क 1100 रुपये था। विलंब शुल्क 500 रुपये प्रति वर्ष और अधिकतम 5 हजार रुपये तक लिया जाता था। प्रस्ताव पास होने पर 30 दिन के भीतर आवेदन करने पर रजिस्ट्रेशन फीस केवल 130 रुपये होगी। 30 दिन बाद आवेदन करने पर शुल्क 1100 रुपए लगेगा। इस तरह अधिकतम शुल्क में 3900 रुपये की कटौती की जा रही है।

प्रस्ताव-3: अमृत 2.0 से जुड़ा प्रस्ताव

एजेंडे में शामिल तीसरा प्रस्ताव अमृत 2.0 योजना से संबंधित है। अंशदान की राशि ग्रीन म्युनिसिपल बॉन्ड के माध्यम से जुटाने का विभागीय प्रस्ताव मेयर इन काउंसिल की अनुशंसा के साथ निगम परिषद को विचार के लिए प्राप्त हुआ है। इस परियोजना पर कुल 1757.2 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें केंद्र और राज्य सरकार से 1263.5 करोड़ रुपए मिलेंगे, जबकि शेष 493.49 करोड़ रुपये निगम अपने स्रोतों से जुटाएगा। इसमें से 200 करोड़ रुपए ग्रीन म्युनिसिपल बॉन्ड के जरिए जुटाए जाएंगे।

इससे पहले बैठक में स्लॉटर हाउस में गोमांस मिलने के मुद्दे पर बैठक में जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस पार्षद पोस्टर लेकर सदन में पहुंचे और महापौर व एमआईसी से इस्तीफा मांगा। भोजन अवकाश के बाद दोबारा शुरू हुई बैठक में कांग्रेस पार्षदों ने विरोध जताते हुए सदन से वॉकआउट किया। बीजेपी पार्षद देवेंद्र भार्गव ने जैकेट पर कागज चस्पा कर गोमांस का विरोध किया। बीजेपी के वरिष्ठ पार्षद सुरेंद्र बाठिका और पप्पू विलास घाड़गे समेत कई पार्षदों ने आपत्ति जताई। एमआईसी सदस्य आरके सिंह बघेल ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई और उच्च स्तरीय समिति गठन की मांग की। बैठक के समानांतर हिंदू संगठन सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि नगर निगम के पशु चिकित्सक बेनी प्रसाद गौर को निलंबित करने के निर्देश दिए गए हैं। भोपाल नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने कहा कि इस विषय पर परिषद द्वारा जो भी निर्णय लिया जाएगा, उसका निगम प्रशासन पूरी तरह पालन करेगा।

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर