भोपाल के कलियासोत डैम के वेटलैंड में 'मड स्टंट' पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 10 वाहन जब्त, स्टंटबाजों पर एफआईआर दर्ज

 


भोपाल, 28 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के कलियासोत डैम के वेटलैंड क्षेत्र में वाहनों से खतरनाक स्टंटबाजी और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के मामले में मंगलवार काे रातीबड़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 चारपहिया वाहन जब्त किए हैं।

पुलिस ने स्टंटबाजी में शामिल लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और मोटर व्हीकल एक्ट की विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर उनकी पहचान और गिरफ्तारी की कार्रवाई शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, रविवार 26 जुलाई को कलियासोत डैम के वेटलैंड क्षेत्र में कई वाहन चालक कीचड़ और जलभराव वाले इलाके में तेज रफ्तार से स्टंट करते नजर आए। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौके पर मौजूद थे, जिससे किसी भी समय गंभीर हादसा हो सकता था। स्टंटबाजी के कारण प्राकृतिक जलाशय को भी नुकसान पहुंचा और पर्यावरण प्रदूषित होने की आशंका बनी।

पुलिस की जांच में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य

रातीबड़ थाना पुलिस ने बताया कि कार्रवाई से बचने के लिए कई स्टंटबाजों ने वाहनों पर जमी मिट्टी साफ कर दी थी, ताकि नंबर प्लेट और पहचान छिपाई जा सके। हालांकि तकनीकी साक्ष्यों, वीडियो फुटेज और खुफिया सूचना के आधार पर पुलिस ने स्टंट में इस्तेमाल किए गए वाहनों और उनके मालिकों की पहचान कर ली है। फिलहाल 10 वाहन जब्त किए जा चुके हैं, जबकि अन्य आरोपियों और वाहनों की तलाश जारी है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 281, 170, 271 और 279 भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) तथा मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 184 के तहत मामला दर्ज किया है। आरोप है कि उन्होंने लापरवाही और खतरनाक तरीके से वाहन चलाकर मानव जीवन को खतरे में डाला, प्राकृतिक जलाशय को प्रदूषित किया और संक्रमण फैलने की आशंका उत्पन्न की।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर हुई कार्रवाई

पुलिस आयुक्त संजय कुमार और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त शैलेन्द्र सिंह चौहान के निर्देश पर शहर में स्टंटबाजी और खतरनाक वाहन संचालन के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में पुलिस उपायुक्त जोन-1 अखिल पटेल के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त रश्मि अग्रवाल दुबे तथा सहायक पुलिस आयुक्त अंकिता खातरकर के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी रास बिहारी शर्मा के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई।

पर्यावरणविदों ने भी जताई थी आपत्ति

कलियासोत वेटलैंड में आयोजित कथित 'मड रैली' को लेकर पर्यावरणविदों ने भी गंभीर आपत्ति दर्ज कराई थी। उनका कहना है कि इस तरह की गतिविधियों से वेटलैंड की जैव विविधता, जलीय जीव-जंतुओं और वन्यजीवों को नुकसान पहुंचता है। पर्यावरणविदों ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के उन आदेशों का भी हवाला दिया, जिनमें वेटलैंड क्षेत्रों में इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि कलियासोत और आसपास के क्षेत्र में मगरमच्छ, घड़ियाल, पक्षियों के घोंसले तथा अन्य जलीय जीवों का प्राकृतिक आवास है। भारी वाहनों की आवाजाही, तेज शोर और भीड़भाड़ से इस संवेदनशील पारिस्थितिकी तंत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई

पुलिस का कहना है कि स्टंटबाजी और कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अन्य वाहनों और आरोपियों की पहचान कर उनके विरुद्ध भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि सार्वजनिक और पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में इस प्रकार की जोखिमपूर्ण गतिविधियों से बचें तथा कानून का पालन करें।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे