भोपाल जेल पहुंचने के दो दिन बाद बंदी की मौत, परिजन ने पुलिस पर लगाया मारपीट का आरोप
भोपाल, 09 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के सेंट्रल जेल में बंद कैदी की रविवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक के परिजन ने सूखी सेवनिया पुलिस पर गिरफ्तारी के दौरान मारपीट करने का आरोप लगाया है।
परिजन का दावा है कि मृतक कैदी के शरीर पर चोट के निशान थे और जेल पहुंचने के बाद उसकी तबीयत लगातार बिगड़ती गई। हालांकि, जेल प्रशासन का कहना है कि नीरज ने सीने में दर्द और घबराहट की शिकायत की थी, जिसके बाद उसे तत्काल हमीदिया अस्पताल भेजा गया, जहां रविवार सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मामले में न्यायिक जांच शुरू कर दी गई है। जांच में गिरफ्तारी से लेकर मेडिकल परीक्षण, जेल में दाखिले और अस्पताल में उपचार तक की पूरी प्रक्रिया की पड़ताल की जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्षों के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
सीमेंट चोरी के मामले में हुई थी गिरफ्तारी
मृतक की पहचान नीरज धाकड़ पुत्र केसर सिंह धाकड़ (35), निवासी देवरी गांव, तहसील गौहरगंज, जिला रायसेन के रूप में हुई है। सूखी सेवनिया थाना प्रभारी अरुण शर्मा के मुताबिक, नीरज को 7 अगस्त को सीमेंट चोरी के मामले में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी के बाद नियमानुसार कार्रवाई करते हुए उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया और इसके बाद उसे भोपाल सेंट्रल जेल भेज दिया गया।
नीरज की मौत की सूचना मिलने के बाद परिजन ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। मृतक की पत्नी पूजा का कहना है कि गिरफ्तारी के दौरान नीरज के साथ मारपीट की गई थी। उनके मुताबिक, नीरज के शरीर पर चोट के निशान थे और जेल पहुंचने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। परिजन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और यह पता लगाने की मांग की है कि गिरफ्तारी के बाद नीरज की तबीयत किस वजह से बिगड़ी और उसे चोटें कैसे आईं।
जेल प्रशासन बोला- सीने में दर्द और घबराहट की शिकायत थी
भोपाल सेंट्रल जेल के सुपरिंटेंडेंट मानवेंद्र सिंह परिहार के मुताबिक, नीरज ने सीने में दर्द और घबराहट की शिकायत की थी। उसकी स्थिति को देखते हुए शनिवार को उसे उपचार के लिए हमीदिया अस्पताल भेजा गया। अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा था, लेकिन रविवार सुबह उसकी मौत हो गई। जेल प्रशासन का कहना है कि बंदी की तबीयत बिगड़ने पर उसे समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई और उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
गिरफ्तारी से अस्पताल तक की प्रक्रिया की होगी जांच
बंदी की मौत के बाद मामले में न्यायिक जांच शुरू कर दी गई है। जांच में यह देखा जाएगा कि नीरज की गिरफ्तारी किन परिस्थितियों में हुई, थाने में उसके साथ क्या प्रक्रिया अपनाई गई, मेडिकल परीक्षण में क्या सामने आया, जेल में दाखिले के समय उसकी स्वास्थ्य स्थिति कैसी थी और अस्पताल में उसे किस तरह का उपचार दिया गया।
परिजन की ओर से लगाए गए मारपीट के आरोप भी जांच के दायरे में रहेंगे। पुलिस ने फिलहाल मर्ग कायम किया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मेडिकल रिकॉर्ड और न्यायिक जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही मौत की वजह और परिजन के आरोपों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे