भोपाल में 18 दिन से जारी शिक्षक अभ्यर्थियों की भूख हड़ताल खत्म, जीतू पटवारी ने नारियल पानी पिलाकर कराया अनशन समाप्त

 


भोपाल, 08 अक्टूबर (हि.स.)। शिक्षक भर्ती वर्ग-2 और वर्ग-3 में पद बढ़ाने की मांग को लेकर राजधानी भाेपाल के डीपीआई कार्यालय के बाहर 18 दिन से चल रही अभ्यर्थियों की भूख हड़ताल गुरुवार को खत्म हो गई। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों से मुलाकात की और उन्हें नारियल पानी पिलाकर अनशन समाप्त कराया।

जीतू पटवारी ने कहा कि अभ्यर्थी रोजगार और अपने अधिकार की मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। 18 दिन बीतने के बावजूद सरकार की ओर से अपेक्षित पहल नहीं होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि आंदोलन कर रहे युवाओं की सेहत और जीवन सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, “सरकार से लड़ने के लिए जीवित रहना जरूरी है।”

विधानसभा में मुद्दा उठाने का आश्वासन

जीतू पटवारी ने कहा कि आंदोलन को 18 दिन हो चुके थे और उनकी जिम्मेदारी थी कि वे अभ्यर्थियों से बात कर अनशन खत्म कराएं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधायक इस मुद्दे को विधानसभा में भी उठाएंगे। उन्होंने सरकार से शिक्षक अभ्यर्थियों की मांग पर संवेदनशीलता के साथ विचार कर न्यायसंगत निर्णय लेने की अपील की। पटवारी ने दावा किया कि प्रदेश में शिक्षकों के बड़ी संख्या में पद रिक्त हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक पदों में वृद्धि से भर्ती के इंतजार कर रहे युवाओं को अवसर मिल सकता है।

बजट को लेकर सरकार पर निशाना

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सरकार विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए कर्ज ले रही है तो शिक्षकों के पद बढ़ाने के लिए भी अतिरिक्त संसाधन जुटाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को केवल बजट का हवाला देने के बजाय रोजगार से जुड़े इस मुद्दे पर व्यापक दृष्टिकोण के साथ निर्णय लेना चाहिए।उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस शिक्षक अभ्यर्थियों के साथ खड़ी है और उनकी मांग को विधानसभा सहित उचित मंचों पर उठाया जाएगा।

राहुल गांधी के पत्र का किया जिक्र

अभ्यर्थियों से बातचीत के दौरान जीतू पटवारी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक भर्ती से जुड़े युवाओं की मांग पर सरकार को सकारात्मक रुख अपनाते हुए पद वृद्धि पर निर्णय लेना चाहिए। पटवारी ने कहा कि शिक्षकों को लंबे समय तक आंदोलन के लिए मजबूर करना उचित नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले में संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेने की अपील की।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे