भोपाल कूच से पहले सख्ती, दर्जनों जिलों में किसान नेता नजरबंद, मुख्यमंत्री निवास जाने की कोशिश नाकाम
भोपाल, 04 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश में किसानों के प्रस्तावित भोपाल कूच से पहले ही प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया। ‘राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ’ के बैनर तले मुख्यमंत्री आवास तक पहुंचने की तैयारी कर रहे किसान नेताओं को साेमवार सुबह कई जिलों में घरों में ही नजरबंद (हाउस अरेस्ट) कर दिया गया। वहीं, जो किसान घरों से निकल चुके थे, उन्हें रास्ते में ही रोक दिया गया।
बताया जा रहा है कि करीब 30 जिलों से किसान नेता साेमवार काे राजधानी पहुंचकर 15 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपने वाले थे। इसके लिए फंदा टोल नाके पर जुटने की रणनीति बनाई गई थी, लेकिन पुलिस ने आंदोलन शुरू होने से पहले ही उसे विफल करने की कोशिश की। किसान मजदूर महासंघ की युवा इकाई के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष त्रिलोक सिंह गोठी को देवास में उनके घर पर ही पुलिस ने नजरबंद कर दिया। गोठी के अनुसार, “सुबह से ही पुलिस अधिकारी घर के बाहर तैनात हैं और बाहर जाने नहीं दे रहे। सिर्फ देवास ही नहीं, भोपाल, सीहोर, सिवनी, हरदा, बालाघाट, रतलाम, नीमच, मंदसौर, उज्जैन, आगर मालवा और शाजापुर सहित कई जिलों में यही स्थिति है।”
सीमाओं पर भी सख्ती, रास्ते में रोके गए किसान
राजधानी भोपाल में प्रशासन ने पहले से अलर्ट जारी कर रखा था। शहर की सीमाओं और प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल तैनात किया गया, जहां बाहर से आने वाले किसानों को रोक दिया गया। इससे किसानों का भोपाल में एकत्रित होने का प्रयास विफल हो गया।
महासंघ का आरोप- सरकार डर गई
महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवकुमार कक्काजी ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की आवाज से घबराकर दमनात्मक कार्रवाई कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर तक ले जाया जाएगा। हालांकि प्रशासन ने फिलहाल भोपाल कूच को रोक दिया है, लेकिन किसानों के तेवर नरम पड़ते नहीं दिख रहे। महासंघ ने साफ कर दिया है कि मांगें पूरी नहीं होने पर आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज किया जाएगा।
15 सूत्रीय मांगों में क्या है खास?
गेहूं खरीदी व्यवस्था में सुधार की मांग
मंडी में बेचने वाले किसानों को ‘भावांतर योजना’ का लाभ
पराली जलाने के मामलों में दर्ज केस वापस लेने की मांग
डिफाल्टर किसानों को राहत, दोबारा लोन की सुविधा
प्राकृतिक आपदा/आग से नुकसान पर 100% मुआवजा
केन-बेतवा प्रोजेक्ट से प्रभावित आदिवासियों के अधिकार सुनिश्चित हों
‘C-250 फार्मूले’ के आधार पर फसलों का न्यूनतम भाव तय हो
प्रदेश के किसानों की पूर्ण कर्ज माफी की मांग
दूध के दाम बढ़ाने और बोनस राशि का भुगतान
जमीन रिकॉर्ड (बंदोबस्त) की त्रुटियां सुधारने की मांग
जमीन अधिग्रहण पर बाजार भाव से 10 गुना मुआवजा
बिजली विभाग की मनमानी पर रोक
मूंग की फसल की MSP पर खरीदी सुनिश्चित हो
खाद वितरण में मात्रा बढ़ाई जाए
हर जिले में खाद, कीटनाशक और मिट्टी जांच के लिए लैब स्थापित हो
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे