भोपाल: डीएलएड अभ्यर्थियों ने डीपीआई पहुंचकर नियुक्ति की मांग उठाई, भर्ती से बाहर किए जाने पर जताई आपत्ति

 


भोपाल, 21 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश में प्राथमिक शिक्षक भर्ती-2025 में एनआईओएस से डीएलएड योग्यता प्राप्त अभ्यर्थियों ने मंगलवार को लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) पहुंचकर नियुक्ति की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने लोक शिक्षण संचालक कामना आचार्य को ज्ञापन सौंपते हुए भर्ती प्रक्रिया में शामिल किए जाने की मांग की।

अभ्यर्थियों का आरोप है कि राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) से प्राप्त डीएलएड योग्यता को मान्यता प्राप्त होने के बावजूद उन्हें प्राथमिक शिक्षक भर्ती-2025 में पात्रता से बाहर रखा जा रहा है। उनका कहना है कि इससे प्रदेश के हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।

प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे अभ्यर्थियों ने बताया कि उन्होंने संचालक के समक्ष सर्वोच्च न्यायालय के आदेश, राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के दिशा-निर्देश तथा अन्य संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत किए। उनका दावा है कि इन दस्तावेजों में एनआईओएस डीएलएड की वैधता स्पष्ट है, इसलिए मध्य प्रदेश की भर्ती प्रक्रिया में भी उन्हें समान अवसर मिलना चाहिए।

ज्ञापन में अभ्यर्थियों ने कहा कि उन्होंने शासन द्वारा निर्धारित योग्यता के आधार पर आवेदन किया, प्रशिक्षण पूरा किया और भर्ती प्रक्रिया की सभी आवश्यक शर्तों का पालन किया। इसके बावजूद नियुक्ति से वंचित किए जाने के कारण उन्हें मानसिक, आर्थिक और सामाजिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

पूर्व की भर्तियों का दिया हवाला

अभ्यर्थियों ने दावा किया कि वर्ष 2023 में प्राथमिक शिक्षक भर्ती तथा वर्ष 2026 में माध्यमिक शिक्षक भर्ती में एनआईओएस डीएलएड योग्यता के आधार पर नियुक्तियां दी जा चुकी हैं। उनका कहना है कि समान योग्यता रखने वाले अभ्यर्थियों को प्राथमिक शिक्षक भर्ती-2025 में पात्रता से बाहर रखना समानता के सिद्धांत के विपरीत है।

स्पष्ट निर्देश जारी करने की मांग

अभ्यर्थियों ने मांग की कि प्राथमिक शिक्षक भर्ती-2025 में एनआईओएस डीएलएड धारकों को पात्र मानते हुए नियुक्ति प्रदान की जाए। साथ ही सर्वोच्च न्यायालय, एनसीटीई और अन्य सक्षम प्राधिकरणों के आदेशों के अनुरूप स्पष्ट दिशा-निर्देश जल्द जारी किए जाएं, ताकि भर्ती प्रक्रिया को लेकर बनी असमंजस की स्थिति समाप्त हो सके। अभ्यर्थियों ने उम्मीद जताई कि लोक शिक्षण संचालनालय प्रस्तुत दस्तावेजों और कानूनी तथ्यों पर विचार करते हुए जल्द निर्णय लेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे