भोपाल में आयुष इंटर्न डॉक्टरों ने स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट घेरा, 100 से ज्यादा इंटर्न पहुंचे

 


भोपाल, 22 सितंबर (हि.स.)। स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आयुष इंटर्न डॉक्टरों ने मंगलवार को भोपाल कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया। दोपहर करीब 12 बजे 100 से अधिक इंटर्न डॉक्टर कलेक्ट्रेट पहुंचे और मुख्य गेट के बाहर प्रदर्शन करते हुए स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग रखी। सुरक्षा के मद्देनजर कलेक्ट्रेट के मुख्य प्रवेश द्वार पर पुलिस बल तैनात किया गया और बाहरी गेट बंद रखा गया।

प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि मध्यप्रदेश में आयुष इंटर्न को वर्तमान में 9,383 रुपए प्रतिमाह स्टाइपेंड मिल रहा है। उनका दावा है कि दूसरे राज्यों की तुलना में यह राशि कम है। उन्होंने सरकार से स्टाइपेंड की समीक्षा कर इसमें बढ़ोतरी करने की मांग की।

दूसरे राज्यों का हवाला देकर बढ़ोतरी की मांग

इंटर्न डॉक्टरों ने विभिन्न राज्यों में मिलने वाले स्टाइपेंड का हवाला देते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में करीब 33,099 रुपए, ओडिशा में 30 हजार, तेलंगाना में 29,792 रुपए, बिहार में 27 हजार, आंध्रप्रदेश में 25,906 रुपए और केरल में करीब 23 हजार रुपए प्रतिमाह स्टाइपेंड दिया जा रहा है।

डॉक्टरों के मुताबिक कर्नाटक में 22,500 रुपए, असम और महाराष्ट्र में 18 हजार, छत्तीसगढ़ में 15,900 रुपए, पंजाब और उत्तराखंड में 15 हजार तथा राजस्थान में 14 हजार रुपए स्टाइपेंड दिया जा रहा है। राजस्थान में डीए भी दिए जाने का दावा किया गया है। हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में करीब 10 हजार रुपए स्टाइपेंड मिलने की बात प्रदर्शनकारियों ने कही। डॉक्टरों का कहना है कि राज्यों में स्टाइपेंड में अंतर को देखते हुए मध्यप्रदेश में भी राशि बढ़ाई जानी चाहिए।

एमबीबीएस इंटर्न का स्टाइपेंड बढ़ाने के बाद आयुष डॉक्टरों ने उठाई मांग

आयुष इंटर्न डॉक्टरों का प्रदर्शन ऐसे समय हुआ है, जब हाल ही में गांधी मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों ने भी स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन किया था। आंदोलन के बाद एमबीबीएस इंटर्न का स्टाइपेंड 50 प्रतिशत बढ़ाकर 21,500 रुपए प्रतिमाह किए जाने की घोषणा हुई थी।

प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर भी विवाद हुआ था। लाठीचार्ज और वॉटर कैनन के इस्तेमाल के मामले में दो पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच किया गया था। मामले की जांच के लिए समिति गठित की गई थी और घायल छात्रों के इलाज की व्यवस्था के निर्देश दिए गए थे। अब आयुष इंटर्न डॉक्टरों ने भी अपनी मांग को लेकर प्रदर्शन किया है। उनका कहना है कि उन्हें भी समान रूप से स्टाइपेंड में उचित बढ़ोतरी का लाभ मिलना चाहिए।

सरकार से नीति की समीक्षा की मांग

प्रदर्शनकारी डॉक्टरों ने सरकार से आयुष इंटर्न के स्टाइपेंड की मौजूदा दर की समीक्षा करने और दूसरे राज्यों में दी जा रही राशि के आधार पर बढ़ोतरी पर निर्णय लेने की मांग की। उनका कहना है कि इंटर्नशिप के दौरान अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में सेवाएं देने वाले डॉक्टरों को वर्तमान स्टाइपेंड में गुजारा करना मुश्किल है। कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन के दौरान डॉक्टरों ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन देने की भी बात कही। प्रशासन की ओर से इस मामले में आगे क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर अब नजर रहेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे