भोपाल के ऐशबाग में 600 मकान तोड़ने का विरोध, बारिश के बीच कलेक्टोरेट पहुंचे रहवासी, बोले- पुनर्वास के बिना नहीं हटेंगे

 


भोपाल, 07 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश की राजधानी भाेपाल के ऐशबाग स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के करीब 600 मकानों को जर्जर घोषित कर उन्हें तोड़ने की तैयारी का स्थानीय रहवासियों ने विरोध शुरू कर दिया है। मंगलवार को बड़ी संख्या में प्रभावित परिवार कलेक्टोरेट पहुंचे और प्रशासन से कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की।

कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला के नेतृत्व में पहुंचे पीड़ित परिवार कलेक्टोरेट के मुख्य गेट के सामने धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बारिश के मौसम में बिना पुनर्वास की व्यवस्था किए मकान तोड़ना सैकड़ों परिवारों को बेघर करने जैसा है। मनोज शुक्ला ने कहा कि प्रशासन लगभग 600 परिवारों को बिना किसी ठोस वैकल्पिक व्यवस्था के बेदखल करने की तैयारी कर रहा है, जो पूरी तरह अमानवीय और अन्यायपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इन मकानों में लोग कई दशकों से अपने परिवारों के साथ रह रहे हैं। बिना पर्याप्त समय दिए और पुनर्वास नीति लागू किए की जा रही कार्रवाई से बुजुर्गों, महिलाओं और स्कूली बच्चों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।

प्रदर्शन कर रहे रहवासियों का कहना है कि उन्हें विकास कार्यों या सुरक्षा संबंधी कदमों से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन विकास के नाम पर लोगों को उजाड़ना स्वीकार नहीं किया जा सकता। उनका कहना है कि यदि प्रशासन सभी प्रभावित परिवारों के लिए उचित और स्थायी आवास की व्यवस्था करता है, तो उन्हें मकान खाली करने में कोई आपत्ति नहीं होगी।

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि जब तक प्रत्येक प्रभावित परिवार के पुनर्वास और वैकल्पिक आवास की स्पष्ट व्यवस्था नहीं होती, तब तक उनका शांतिपूर्ण और कानूनी आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन के दौरान युवा कांग्रेस भोपाल अध्यक्ष अमित खत्री, संदीप सरवैया, अमजद लाला, मोहम्मद आमिर, अकबर खान सहित बड़ी संख्या में स्थानीय रहवासी मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे