विदिशा में बेतवा नदी उफान पर, कई मंदिर जलमग्न, प्रशासन ने जारी किया हाई अलर्ट

 




चरणतीर्थ में बाढ़ के बीच मंदिर में शरण लिए तीन कुत्तों का एसडीईआरएफ ने किया रेस्क्यू, गंजबासौदा में पुल के ऊपर पहुंचा पानी

विदिशा, 11 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश में जून-जुलाई के दौरान कमजोर रहे मानसून ने अगस्त में तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। राजधानी भोपाल सहित विदिशा और आसपास के क्षेत्रों में पिछले दो दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ने से कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बन गई है। विदिशा में बेतवा नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।

बेतवा नदी के तेज बहाव के कारण विदिशा का चरणतीर्थ घाट पूरी तरह जलमग्न हो गया है। घाट के किनारे स्थित कई मंदिर भी पानी में डूब गए हैं। इसी दौरान बाढ़ से बचने के लिए तीन कुत्ते एक शिव मंदिर में जाकर बैठ गए। एक स्थानीय युवक की नजर उन पर पड़ी तो उसने तत्काल एसडीईआरएफ को सूचना दी।

कड़ी मशक्कत के बाद तीन कुत्तों का रेस्क्यू

एसडीईआरएफ प्लाटून कमांडर रश्मि दुबे ने बताया कि चरणतीर्थ में तीन कुत्तों के बाढ़ में फंसे होने की सूचना स्थानीय निवासी के माध्यम से मिली थी। सूचना की पुष्टि के लिए बड़वाले घाट पर तैनात टीम को मौके पर भेजा गया। स्थिति की पुष्टि होने के बाद मुख्यालय से नाव के साथ टीम रवाना की गई और कड़ी मशक्कत के बाद तीनों कुत्तों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

उन्होंने बताया कि ऐसे रेस्क्यू अभियान में आवारा या जंगली पशुओं को संभालना चुनौतीपूर्ण होता है। भय के कारण वे काटने अथवा हमला करने का प्रयास कर सकते हैं। टीम ने धैर्य और सतर्कता के साथ अभियान पूरा किया।

16 मजदूर और सात गोवंश समेत कई लोगों का रेस्क्यू

विदिशा में बाढ़ जैसी स्थिति को देखते हुए एसडीईआरएफ की 12 सदस्यीय टीम लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। इससे पहले बामनखेड़ा (खामखेड़ा) में बाढ़ में फंसे 16 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला गया था। इसके बाद पथरिया गांव से सूचना मिलने पर टीम ने वहां फंसे चार लोगों और सात गोवंश को भी रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।

गंजबासौदा में पुल के ऊपर पहुंचा दो फीट पानी

इधर, गंजबासौदा क्षेत्र में भी पिछले दो दिनों से जारी भारी बारिश के कारण बेतवा नदी उफान पर है। मंगलवार को नदी का जलस्तर बढ़ने से गंज-बेतवा पुल के ऊपर करीब दो फीट पानी पहुंच गया। तेज बहाव के कारण पुल का एक बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त नजर आ रहा है।

पुलिस ने बैरिकेड लगाकर आवागमन रोका

नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए पुलिस ने बेतवा घाट के पास बैरिकेड लगाकर पुल की ओर जाने वाला मार्ग बंद कर दिया है। मौके पर पुलिस बल भी तैनात किया गया है, ताकि लोग जोखिम लेकर पुल की ओर न जा सकें।

देहात थाना प्रभारी जयकुमार सिंह ने बताया कि नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण पुल के दोनों ओर बैरिकेड लगाए गए हैं और पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। उन्होंने कहा कि पुल को वास्तविक रूप से कितना नुकसान हुआ है, इसका आकलन नदी का जलस्तर कम होने के बाद ही किया जा सकेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजू विश्वकर्मा