बरगी बांध के 13 गेट खुले, नर्मदा में 2714 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा; घाटों पर बढ़ सकता है जलस्तर
जबलपुर, 26 सितंबर (हि.स.)। बरगी बांध के जलग्रहण क्षेत्र में लगातार हुई बारिश के बाद बांध में पानी की आवक बढ़ गई है। बढ़ती आवक को देखते हुए बांध प्रबंधन ने जल निकासी बढ़ा दी है। शनिवार सुबह 11 बजे सात और जलद्वार खोल दिए गए। इसके साथ ही अब बरगी बांध के कुल 13 गेट खुले हैं। इन गेटों से औसतन 1.83 मीटर की ऊंचाई से करीब 2714 क्यूमेक पानी नर्मदा नदी में छोड़ा जा रहा है।
बांध प्रबंधन के अनुसार शनिवार को बांध में पानी की आवक करीब 941 क्यूमेक बनी हुई है। इससे पहले शुक्रवार शाम 6 बजे छह गेट खोले गए थे। जलग्रहण क्षेत्र में बारिश और लगातार बढ़ती आवक को देखते हुए शनिवार सुबह सात और गेट खोलकर जल निकासी बढ़ाई गई।
नर्मदा के घाटों पर 6 से 8 फीट तक बढ़ सकता है पानी
बरगी बांध से बड़ी मात्रा में पानी नर्मदा नदी में छोड़े जाने के कारण नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी की संभावना है। अनुमान के मुताबिक नर्मदा के विभिन्न घाटों पर मौजूदा जलस्तर की तुलना में करीब 6 से 8 फीट तक पानी बढ़ सकता है। इससे निचले इलाकों और नदी किनारे स्थित घाटों पर पानी का दबाव बढ़ने की आशंका है।
आवक के हिसाब से घट-बढ़ सकती है जल निकासी
बांध प्रबंधन लगातार जलग्रहण क्षेत्र से आने वाले पानी और बांध के जलस्तर की निगरानी कर रहा है। पानी की आवक बढ़ने पर जल निकासी और बढ़ाई जा सकती है, जबकि आवक कम होने पर गेटों से छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा घटाई जा सकती है। मौसम और जलग्रहण क्षेत्र की स्थिति के अनुसार गेटों की संख्या में भी बदलाव संभव है।
घाटों और नदी किनारे जाने से बचें
नर्मदा का जलस्तर बढ़ने की संभावना को देखते हुए लोगों से नदी, घाटों और तटीय क्षेत्रों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की गई है। विशेषकर निचले घाटों और नदी के किनारे रहने या जाने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। बांध प्रबंधन ने लोगों से नदी में उतरने और बढ़ते जलस्तर वाले क्षेत्रों में जाने से बचने का आग्रह किया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक