अनूपपुर: कलेक्ट्रेट समेत कई कार्यालयों में जुलूस, आमसभा और लाउडस्पीकर पर लगी रोक, उल्लंघन पर होगी कानूनी कार्रवाई

 


अनूपपुर, 08 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के कलेक्टर हर्षल पंचोली ने सोमवार को कई प्रमुख सरकारी कार्यालय परिसरों के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के तहत इन क्षेत्रों में जुलूस निकालने, आमसभा करने और लाउडस्पीकर के उपयोग पर पूरी तरह रोक लगा दी है। यह कदम कार्यालयीन और न्यायालयीन कार्यों में बाधा और शांति भंग होने की आशंका को देखते हुए उठाया गया है।

इन कार्यालयों में लागू रहेगा प्रतिबंध

आदेश के अनुसार, इस प्रतिबंधात्मक क्षेत्र के दायरे में कलेक्टर कार्यालय परिसर, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग कार्यालय परिसर (शिव मंदिर के पास), जिला खनिज कार्यालय परिसर और जिला पंचायत कार्यालय परिसर शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, जिला पंचायत कार्यालय परिसर के सामने वाले क्षेत्र में भी यह नियम लागू रहेगा।

बीएनएस की धारा-163 के तहत रोक

भारतीय न्याय संहिता की धारा-163 के अंतर्गत जारी इन आदेशों के अनुसार, प्रतिबंधित परिसरों में कोई भी राजनीतिक दल, सामाजिक संगठन या आंदोलनकारी व्यक्ति जुलूस या आमसभा आयोजित नहीं कर सकेगा। यह आदेश आगामी दो माह की अवधि के लिए प्रभावशील रहेगा। पहली बार कलेक्ट्रेट के साथ जिला पंचायत और अन्य विभागों को भी इसमें शामिल किया गया है।

3 दिन पहले लेनी होगी लिखित अनुमति

नए नियमों के मुताबिक, किसी भी दल, संगठन या आंदोलनकारी को जुलूस, आमसभा या ज्ञापन सौंपने के लिए कार्यक्रम से तीन दिन पूर्व अनुविभागीय दण्डाधिकारी (एसडीएम) अनूपपुर से लिखित अनुमति प्राप्त करनी होगी। इसके बाद केवल निर्धारित स्थल पर ही गतिविधियां की जा सकेंगी। कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार पर ही शांतिपूर्ण ढंग से अधिकृत अधिकारी को ज्ञापन सौंपा जा सकेगा।

उल्लंघन पर धारा-223 के तहत कार्रवाई

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इन प्रतिबंधात्मक आदेशों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों या संगठनों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा-223 के अंतर्गत सख्त अभियोजन की कार्रवाई की जाएगी। इसका उद्देश्य सरकारी कामकाज को सुचारू रूप से चलाना और कानून व्यवस्था बनाए रखना है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला