बालाघाट में पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन यंत्री के ठिकानों पर ईओडब्ल्यू का छापा, 2.5 लाख नकद और 25 लाख का वाहन मिला
बालाघाट, 03 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की परियोजना क्रियान्वयन इकाई (पीआईयू) में पदस्थ कार्यपालन यंत्री कमलकिशोर सिंगारे के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति और पद के दुरुपयोग की शिकायत पर आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्यू) ने गुरुवार सुबह बड़ी कार्रवाई की। ईओडब्ल्यू की तीन टीमों ने सुबह करीब 6 बजे बालाघाट, छिंदवाड़ा और भोपाल स्थित उनके आवासों पर एक साथ दबिश दी। कार्रवाई न्यायालय की अनुमति के बाद की गई।
बालाघाट में ईओडब्ल्यू की टीम ने सिंगारे के शासकीय आवास की तलाशी ली। डीएसपी मंजीत सिंह के नेतृत्व में हुई कार्रवाई के दौरान टीम को करीब 2.5 लाख रुपए नकद और लगभग 25 लाख रुपए कीमत का एक वाहन मिलने की जानकारी सामने आई है। जांच के दौरान मिले दस्तावेजों और अन्य संपत्तियों का भी सत्यापन किया जा रहा है। टीम कार्यपालन यंत्री को लेकर आगे की जांच के लिए छिंदवाड़ा रवाना हुई।
जानकारी के अनुसार सिंगारे करीब 14 महीने से बालाघाट में पदस्थ हैं। इस दौरान कुछ ठेकेदारों ने निर्माण कार्यों के बिलों के भुगतान में कथित कमीशन मांगने और परेशान करने के आरोप लगाए थे। सिविल कांट्रेक्टर एसोसिएशन ने भी प्रशासन और विभागीय अधिकारियों के समक्ष शिकायत की थी। कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी युनुस पप्पा खान ने 13 जुलाई को ईओडब्ल्यू में शिकायत दर्ज कराई थी। इसी शिकायत के आधार पर प्रारंभिक जांच के बाद गुरुवार को बालाघाट के साथ छिंदवाड़ा और भोपाल में भी कार्रवाई की गई।
30 लाख के भुगतान में 10 लाख कमीशन का आरोप
शिकायतकर्ता युनुस पप्पा खान ने आरोप लगाया था कि कार्यपालन यंत्री ठेकेदारों के भुगतान में कथित रूप से कमीशन की मांग करते थे। उन्होंने ठेकेदार छोटुलाल ठाकरे के 30 लाख रुपए के भुगतान में से 10 लाख रुपए कमीशन के रूप में लिए जाने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि इस संबंध में प्रशासन और विभागीय स्तर पर कई बार शिकायत की गई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद मामला ईओडब्ल्यू तक पहुंचा। हालांकि, कमीशन लेने संबंधी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। इनकी वास्तविकताईओडब्ल्यू की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
भोपाल आवास पर सब इंजीनियर की मौजूदगी से भी सवाल
इधर, ईओडब्ल्यू की टीम भोपाल स्थित आवास पर भी जांच कर रही है। यहां बालाघाट के सर्व शिक्षा अभियान में पदस्थ रहे सब इंजीनियर शिव भास्कर के अपनी पत्नी के साथ मौजूद होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि शिव भास्कर का हाल ही में स्थानांतरण हुआ है और उनके खिलाफ भी भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायतों की चर्चा है। सिंगारे के भोपाल स्थित आवास पर उनकी मौजूदगी को लेकर भी ईओडब्ल्यू पूछताछ कर सकती है। मामले में आगे की कार्रवाई और बरामदगी का पूरा विवरण जांच पूरी होने के बाद ही सामने आने की उम्मीद है।
डीएसपी बोले- न्यायालय की अनुमति के बाद हुई कार्रवाई
ईओडब्ल्यू के डीएसपी मंजीत सिंह ने बताया कि बालाघाट न्यायालय से अनुमति लेने के बाद गुरुवार सुबह 6 बजे कार्यपालन यंत्री कमलकिशोर सिंगारे के शासकीय आवास पर दबिश दी गई। तलाशी के दौरान करीब 2.5 लाख रुपए नकद और लगभग 25 लाख रुपए कीमत का वाहन मिला है। टीम सिंगारे को लेकर छिंदवाड़ा जा रही है। तीनों स्थानों पर जांच जारी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे