उज्जैन में सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने पहुंचे राजस्व दल पर हमला
उज्जैन, 02 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उज्जैन के ग्रामीण क्षेत्र में गुरुवार को शासकीय जमीन से अतिक्रमण हटाने गई राजस्व टीम को विरोध का सामना करना पड़ा। चंदेसरी गांव में कार्रवाई के दौरान अतिक्रमणकारियों ने न केवल विवाद किया, बल्कि झूमाझटकी और पथराव की स्थिति भी बना दी। मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया।
नागझिरी थाना पुलिस ने बताया कि देवास रोड स्थित ग्राम चंदेसरी में रास्ते पर अतिक्रमण की शिकायत मिली थी। जांच में सामने आया कि जमीन सर्वे क्रमांक 568 पर गांव में रहने वाले पीरा, मोहनलाल और भारती ने कब्जा कर फसल बोई है। इसी के चलते तहसीलदार अर्चना गुप्ता के नेतृत्व में राजस्व विभाग का दल मौके पर पहुंचा। टीम में नायब तहसीलदार दिप्ती मांझी, राजस्व निरीक्षक, पटवारी और नागझिरी थाना पुलिस का बल भी शामिल था, जिसमें महिला पुलिसकर्मी भी मौजूद थीं। अधिकारियों की टीम अतिक्रमण स्थल पर पहुंची, वहां मौजूद करीब आधा दर्जन लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। इनमें महिलाएं और एक युवती भी शामिल थीं।
अधिकारियों से की अभद्रताआरोप है कि इन लोगों ने गाली-गलौज करते हुए राजस्व अमले के साथ झूमाझटकी की और हालात बिगडऩे लगे। तहसीलदार अर्चना गुप्ता के मुताबिक विवाद करने वालों ने पथराव भी किया थ्ज्ञा। इस दौरान एक युवती ने उनके साथ अभद्रता करने का प्रयास किया, वहीं एक महिला पटवारी के साथ भी धक्का-मुक्की की गई। घटना के बाद नायब तहसीलदार दिप्ती मांझी द्वारा पुलिस को आवेदन दिया गया। नागझिरी थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शांति भंग करने और विवाद की स्थिति पैदा करने के आरोप में चार लोगों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक धाराओं में प्रकरण दर्ज किया।
सभी आरोपी गिरफ्तारइस संबंध में नागझिरी थाना प्रभारी कमल निगवाल ने बताया कि आरोपी आकाश पिता सत्यनारायण, मोहन पिता सिद्ध, भेरूलाल पिता सिद्धुलाल और बहादुर पिता आत्माराम को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया था। जहां से सभी को जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आगे भी निगरानी रखी जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / ललित ज्वेल