अशोकनगर: प्रशासनिक अनदेखी से क्षुब्ध होकर 100 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़े दो आदिवासी युवक

 




अशोकनगर, 28 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले में प्रशासनिक लापरवाही और अपनी ही जमीन के हक के लिए दो आदिवासी युवकों को मौत का खेल खेलने पर मजबूर होना पड़ा। रविवार को जिले की ईसागढ़ तहसील के मन्हेटी गांव में उस समय हडक़ंप मच गया, जब प्रशासन की कार्यप्रणाली से नाराज होकर दो आदिवासी युवक करीब 100 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर जा चढ़े।

जमीन के सीमांकन के लिए भटक रहे थे पीड़ितजानकारी के अनुसार, मन्हेटी गांव के निवासी संग्राम सिंह आदिवासी और फूल सिंह आदिवासी अपनी कृषि भूमि के सीमांकन (नापजोख) के लिए लंबे समय से परेशान थे। पीड़ितों का आरोप है कि उन्होंने सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर कई बार प्रशासन से सीमांकन की गुहार लगाई, लेकिन हर बार उन्हें सिर्फ आश्वासन मिला। प्रशासनिक स्तर पर लगातार हो रही अनदेखी और टालमटोल से क्षुब्ध होकर आखिरकार दोनों युवकों ने यह आत्मघाती कदम उठाने का फैसला किया।

मौके पर पहुंचा प्रशासनिक अमला, 4 घंटे तक सांसे रहीं अटकीं:जैसे ही दो आदिवासी युवकों के टावर पर चढऩे की खबर फैली, इलाके में सनसनी फैल गई और ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला और पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचा।

प्रशासन की समझाइश:मौके पर पहुंचे ईसागढ़ तहसीलदार रोहित रघुवंशी ने स्थिति को संभालते हुए टावर पर चढ़े आदिवासियों से लगातार संवाद स्थापित किया। उन्होंने युवकों को धैर्य रखने की सलाह दी और उनकी मांग पर त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। प्रशासन और पुलिस द्वारा लगातार की गई समझाइश और सूझबूझ के बाद, करीब 4 घंटे तक चले इस हाईवोल्टेज ड्रामे का पटाक्षेप हुआ। दोनों आदिवासी युवकों को सुरक्षित नीचे उतारा गया, जिसके बाद प्रशासन ने भी राहत की सांस ली।

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हिन्दुस्थान समाचार / देवेन्द्र ताम्रकार