अमृत भारत स्टेशन से महापुरुषों के शिलालेख हटाने पर विरोध, पुनर्स्थापना की मांग
अशोकनगर, 6 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अशोकनगर रेलवे स्टेशन पर अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चल रहे पुनर्विकास कार्य के बीच राष्ट्रनायकों और साहित्यकारों के शिलालेख हटाए जाने को लेकर विरोध तेज हो गया है। जिला पत्रकार संघ ने भोपाल रेल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक के नाम स्टेशन प्रबंधक को ज्ञापन सौंपकर लोकार्पण से पहले सभी शिलालेखों की ससम्मान पुनर्स्थापना और स्टेशन की प्रकाश व्यवस्था सुधारने की मांग की है।
गौरतलब है कि 11 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री द्वारा अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकसित अशोकनगर रेलवे स्टेशन का वर्चुअल लोकार्पण प्रस्तावित है। इसी बीच पत्रकार संघ ने आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य के दौरान कई ऐतिहासिक शिलालेख बिना पुनर्स्थापना के हटा दिए गए, जिससे जनभावनाएं आहत हुई हैं।
संघ के अनुसार, स्टेशन परिसर से स्वतंत्रता सेनानी एवं पत्रकार गणेश शंकर विद्यार्थी, भारत-पाक युद्ध के वीर शशिन्द्र सिंह राणा, राष्ट्रकवि गिरिजा कुमार माथुर तथा क्रांतिकारी साहित्यकार श्रीकृष्ण सरल से जुड़े प्रशस्ति शिलालेख गायब हैं। इन शिलालेखों को क्षेत्र की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया है।
ज्ञापन में स्टेशन की प्रकाश व्यवस्था पर भी सवाल उठाए गए हैं। संघ का कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से विकसित किए जा रहे स्टेशन के कई हिस्सों में पर्याप्त रोशनी नहीं है। लोकार्पण से पहले पूरे स्टेशन परिसर में बेहतर प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
जिला पत्रकार संघ ने चेतावनी दी है कि यदि 11 जुलाई से पहले महापुरुषों के शिलालेख पुनर्स्थापित नहीं किए गए और जनभावनाओं की अनदेखी की गई, तो व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा तथा जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / देवेन्द्र ताम्रकार