अशोकनगर: धीरेंद्र शास्त्री के बयानों पर बवाल में फूटा आक्रोश, पुतला दहन

 


अशोकनगर, 03 नम्बर(हि.स.)। मध्य प्रदेश के अशोकनगर में कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री द्वारा भगवान श्रीकृष्ण को लेकर की गई कथित विवादित टिप्पणी के बाद आक्रोश भडक़ उठा। सोशल मीडिया पर शुरू हुआ विरोध मंगलवार को सडक़ों तक पहुंच गया। शहर के हृदयस्थल गांधी पार्क चौराहे पर श्रद्धालु एकत्रित हुए और धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद उनका पुतला बनाकर दहन किया गया।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि धार्मिक आस्था से जुड़े विषयों पर सार्वजनिक मंचों से इस तरह की टिप्पणियां स्वीकार्य नहीं हैं। उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री की कथाओं और बयानों पर रोक लगाने की मांग भी उठाई।

एक बयान नहीं, विवादों की लंबी फेहरिस्त:धीरेंद्र शास्त्री इससे पहले भी अपने बयानों को लेकर कई बार विवादों में घिर चुके हैं। अलग-अलग अवसरों पर उनके कथित बयानों को लेकर सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने विरोध दर्ज कराया है।

अछूत शब्द के इस्तेमाल का विवाद: मई 2022 में वायरल एक वीडियो को लेकर विवाद हुआ, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर एक व्यक्ति को पैर छूने से रोकते हुए ‘अछूत’ शब्द का इस्तेमाल किया। बाद में उनके समर्थकों की ओर से सफाई दी गई कि शब्द का इस्तेमाल स्वयं के संदर्भ में किया गया था।

संत तुकाराम की पत्नी को लेकर टिप्पणी: फरवरी 2023 में कथा के दौरान संत तुकाराम की पत्नी को लेकर कथित टिप्पणी पर विवाद खड़ा हुआ। विरोध के बाद धीरेंद्र शास्त्री ने सफाई देते हुए खेद जताया और माफी मांगी।

साईं बाबा पर टिप्पणी: अप्रैल 2023 में साईं बाबा को लेकर दिए गए कथित बयान पर विवाद हुआ। उन्होंने साईं बाबा की तुलना भगवान से किए जाने पर आपत्ति जताई थी। विवाद बढऩे के बाद उन्होंने सफाई देते हुए खेद व्यक्त किया।

सहस्रबाहु अर्जुन विवाद: अप्रैल 2023 में सहस्रबाहु अर्जुन को लेकर कथित टिप्पणी पर भी विरोध हुआ। संबंधित समाज की नाराजगी के बाद उन्होंने खेद व्यक्त किया।

कुंभलगढ़ और हिंदू राष्ट्र को लेकर बयान: मार्च 2023 में राजस्थान के कुंभलगढ़ और हिंदू राष्ट्र से जुड़े कथित बयानों को लेकर भी विवाद सामने आया।

अली और बजरंगबली को लेकर टिप्पणी: अप्रैल 2024 में एक प्रसंग के दौरान अली का उल्लेख करते हुए बजरंगबली को लेकर की गई कथित टिप्पणी पर विवाद हुआ। विवाद के बाद उन्होंने मौलाना अली के प्रति सम्मान जताते हुए माफी मांगी।

महाकुंभ में गैर-हिंदुओं के प्रवेश का मुद्दा: नवंबर 2024 में प्रयागराज महाकुंभ को लेकर उन्होंने कथित तौर पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने और सनातन संस्कृति की जानकारी न रखने वालों से पूजा सामग्री संबंधी काम न कराने की बात कही थी।

महिलाओं और बुर्के पर टिप्पणी: वर्ष 2025 में महिलाओं को लेकर दिए गए कथित बयान पर भी विवाद हुआ। बयान में महिलाओं के चरित्र को लेकर टिप्पणी और बुर्के को लेकर सलाह दिए जाने की बात सामने आई। इस पर भी उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ा।

छत्रपति शिवाजी महाराज पर टिप्पणी: अप्रैल 2026 में छत्रपति शिवाजी महाराज को लेकर कथित बयान महाराष्ट्र में विवाद का कारण बना। तीखे विरोध के बाद धीरेंद्र शास्त्री की ओर से सफाई और माफी की बात सामने आई।

अब श्रीकृष्ण पर टिप्पणी से फिर गरमाया विवाद:

नवंबर 2026 में शिवपुरी जिले के करैरा में श्रीराम कथा के दौरान भगवान राम और श्रीकृष्ण की तुलना करते हुए कृष्ण के ‘टेढ़े खड़े होने’ आदि को लेकर की गई कथित टिप्पणी ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। बयान सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हुआ और अब इसका असर अशोकनगर की सडक़ों पर भी दिखाई दिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / देवेन्द्र ताम्रकार