अशोकनगर नपा पर नेता प्रतिपक्ष ने लगाए वित्तीय अनियमितता और तानाशाही के आरोप
अशोकनगर, 11 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अशोकनगर नगर पालिका परिषद में कथित वित्तीय अनियमितताओं और कार्यप्रणाली को लेकर नेता प्रतिपक्ष रितेश जे. आजाद ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने मंगलवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में भाजपा शासित नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि निकाय का संचालन जनहित के बजाय मनमाने तरीके से किया जा रहा है।
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि नगर पालिका को निजी कंपनी की तरह संचालित करते हुए करदाताओं के धन का ऐसे कार्यों में उपयोग किया जा रहा है, जिनकी प्राथमिकता पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने नगर पालिका की बैठकों, टेंडर प्रक्रिया और विभिन्न विकास कार्यों को लेकर भी कई आरोप लगाए हैं।
बैठकों और मीडिया कवरेज को लेकर उठाए सवाल
रितेश जे. आजाद ने आरोप लगाया कि पांच अगस्त को हुई द्वैमासिक बैठक में जनहित से जुड़े मुद्दों पर स्पष्टीकरण मांगने पर उन्हें अपनी बात रखने से रोका गया। उनका दावा है कि नियमानुसार निर्धारित अवधि में 24 बैठकें होनी चाहिए थीं, लेकिन अब तक केवल 12 बैठकें ही आयोजित की गई हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नगर पालिका की बैठकों में मीडिया कवरेज और वीडियो रिकॉर्डिंग पर रोक लगाकर पारदर्शिता को प्रभावित किया जा रहा है।
37 करोड़ रुपये के टेंडर पर सवाल
नेता प्रतिपक्ष ने प्रेसिडेंट-इन-काउंसिल में करीब 37 करोड़ रुपये के टेंडर पारित किए जाने पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि वित्तीय नियमों की अनदेखी करते हुए इनमें नौ टेंडर ऐसे हैं, जिनकी लागत एक-एक करोड़ रुपये से अधिक है।
उन्होंने विभिन्न निर्माण और विकास कार्यों पर खर्च की गई राशि का उल्लेख करते हुए इलेक्ट्रिक मुक्तिधाम में 203 लाख रुपये के कार्य, गुना रोड पर डिवाइडर और पोल शिफ्टिंग के लिए 196 लाख रुपये, संजय स्टेडियम में 304 लाख रुपये, तुलसी सरोवर में टॉय ट्रेन के लिए 152 लाख रुपये और फुट ओवरब्रिज के सौंदर्यीकरण पर 106 लाख रुपये खर्च किए जाने को लेकर आपत्ति जताई।
नेता प्रतिपक्ष का आरोप है कि कुछ कार्यों की उपयोगिता और प्राथमिकता पर विचार किए बिना राशि खर्च की जा रही है।
बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी का आरोप
रितेश जे. आजाद ने शहर के सीमावर्ती वार्डों में सड़क, पानी और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं की स्थिति को लेकर भी नगर पालिका पर निशाना साधा। उनका कहना है कि इन क्षेत्रों में नागरिक बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान हैं, जबकि दूसरी ओर बड़े प्रोजेक्ट्स पर राशि खर्च की जा रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि नगर पालिका की कथित अनियमितताओं का विरोध करने वाले नागरिकों और कार्यकर्ताओं पर दबाव बनाने के लिए रविवार को बकाया कर संबंधी नोटिस दिए जा रहे हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने नगर पालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली की आलोचना करते हुए नागरिकों से जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के समक्ष अपनी आवाज मजबूती से रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि करदाताओं के धन का उपयोग पारदर्शी तरीके से हो और शहर की मूलभूत समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए।
हिन्दुस्थान समाचार / देवेन्द्र ताम्रकार