अशोकनगर: 97 नौनिहाल की जान पर खतरा, विधायक पहुंचे तो खुली जुग्या के स्कूल की पोल

 




अशोकनगर, 25 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अशोकनगर में ग्राम जुग्या कहने को तो गांव के शासकीय प्राथमिक विद्यालय में 97 नौनिहाल अपने सुनहरे भविष्य की नींव रखने आते हैं, लेकिन स्कूल की इमारत देखकर लगता है मानो वो पढ़ाई कम और खतरों के खिलाड़ी का ऑडिशन ज्यादा दे रहे हों!

मामला ग्राम जुग्या का है, जहां मंगलवार को ग्रामीण जब अपनी गुहार लेकर पहुंचे तो क्षेत्रीय विधायक इंजी. हरिबाबू राय भी चौंक गए। ग्रामीणों ने दर्द बयां किया कि साहब! बच्चे स्कूल पढऩे जाते हैं और हम घर पर उनकी सलामती की दुआएं मांगते हैं। खबर मिलते ही विधायक जी ने बिना देरी किए ग्रामीणों के साथ ग्राउंड जीरो का रुख किया।

दीवारों से झांकता लोहा, छत दे रही ओपन एयर का अहसास:जब विधायक ने मौके पर पहुंचकर स्कूल का निरीक्षण किया, तो नजारा वाकई में कमाल था। छत और दीवारों का प्लास्टर झाडक़र बाहर निकल चुके सरिया ऐसे लटके थे, मानो बच्चों को प्रैक्टिकल में लोहे की मजबूती का पाठ पढ़ा रहे हों।

यही नहीं, स्कूल में अतिरिक्त कक्ष तो बने हैं, लेकिन वो शायद शो-पीस के लिए रखे गए हैं! 97 बच्चों के बैठने के लिए जगह इतनी कम कि बच्चे पढ़ाई की जगह एक-दूसरे से स्पेस एडजस्ट करने का मुकाबला करते नजर आते हैं।

फोन घुमाया और अधिकारियों की क्लास लगाई:इंजीनियर विधायक ने जब जर्जर भवन की इंजीनियरिंग देखी, तो उनका पारा चढऩा लाजमी था। उन्होंने तुरंत मौके से ही शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों को फोन मिलाया और जमकर क्लास ली। विधायक जी ने दो टूक शब्दों में कहा कि कागजी घोड़े दौड़ाना बंद करें, तुरंत मरम्मत की व्यवस्था करें और बच्चों के बैठने के लिए सुरक्षित जगह सुनिश्चित करें।

विधायक इंजी. हरिबाबू राय ने कहा, बच्चों की जान जोखिम में डालकर कोई पढ़ाई नहीं होगी। बेहतर शैक्षणिक माहौल और सुरक्षा पहली प्राथमिकता है। बहुत जल्द इस जर्जर व्यवस्था का इलाज कराया जाएगा।

अब देखना यह होगा कि विधायक जी के इस कड़े रुख के बाद कुंभकर्णी नींद में सो रहा शिक्षा विभाग कब जागता है और मासूमों को इस डर के साये वाली पढ़ाई से कब आजादी मिलती है!

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हिन्दुस्थान समाचार / देवेन्द्र ताम्रकार