अमृत भारत योजना से संवरा अशोकनगर रेलवे स्टेशन, अब दिल्ली-इंदौर समेत नई ट्रेनों की उठी मांग

 




अशोकनगर, 13 जुलाई (हि.स.)। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित अशोकनगर रेलवे स्टेशन का कायाकल्प पूरा हो गया है। स्टेशन के नवनिर्मित स्वरूप का 17 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल माध्यम से लोकार्पण करेंगे। इससे पहले तैयारियों का जायजा लेने भोपाल रेल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) पंकज त्यागी सोमवार को अशोकनगर पहुंचे और स्टेशन परिसर का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान जिला पत्रकार संघ ने केंद्रीय मंत्री एवं गुना संसदीय क्षेत्र के सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के नाम संबोधित एक मांग पत्र डीआरएम को सौंपा। इसमें यात्रियों की सुविधा के लिए कई महत्वपूर्ण रेल सेवाएं शुरू करने और स्टेशन पर आवश्यक व्यवस्थाएं विकसित करने की मांग की गई।

ज्ञापन में सबसे प्रमुख मांग अशोकनगर को इंदौर और नई दिल्ली से सीधी रेल सेवा के जरिए जोड़ने की रही। संघ का कहना है कि दोनों प्रमुख शहरों के लिए सीधी ट्रेन नहीं होने से यात्रियों को बार-बार ट्रेन बदलनी पड़ती है, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त लागत आती है।

पत्रकार संघ ने रुठियाई-बीना पैसेंजर (ट्रेन संख्या 01626) के समय में बदलाव की भी मांग की। उनका कहना है कि इंदौर से आने वाली ट्रेन सुबह करीब 8:20 बजे रुठियाई पहुंचती है, जबकि बीना जाने वाली पैसेंजर का समय यात्रियों के लिए असुविधाजनक है। यदि इसका प्रस्थान समय सुबह 8:40 बजे किया जाए तो विशेषकर बुजुर्ग, दिव्यांग और बीमार यात्रियों को कनेक्टिंग ट्रेन पकड़ने में राहत मिलेगी।

इसके अलावा कोरोना काल में बंद हुई कोटा-जबलपुर एक्सप्रेस (19811/19812) को दोबारा शुरू करने, कोटा-हिसार एक्सप्रेस (19807/19808) का विस्तार बीना तक करने तथा ग्वालियर-भोपाल इंटरसिटी एक्सप्रेस को नई दिल्ली तक बढ़ाने की मांग भी रखी गई।

ज्ञापन में प्रयागराज के लिए अशोकनगर से सीधी ट्रेन शुरू करने का भी आग्रह किया गया। साथ ही झांसी-इंदौर के बीच नई मेमू अथवा ओवरनाइट एक्सप्रेस चलाने का सुझाव दिया गया, ताकि इंदौर आने-जाने वाले यात्रियों को सुविधा मिल सके।

पत्रकार संघ ने भोपाल-अशोकनगर-गुना-शिवपुरी मार्ग से नई दिल्ली तक वंदे भारत एक्सप्रेस शुरू करने अथवा दिल्ली-मुंबई वंदे भारत के रूट में बदलाव कर उसे बीना, अशोकनगर और गुना के रास्ते संचालित करने का भी प्रस्ताव रखा।

इसके अतिरिक्त स्टेशन के पुनर्विकास कार्य के दौरान हटाए गए महापुरुषों के स्मारकों को सम्मानपूर्वक पुनर्स्थापित करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल की गई।

डीआरएम पंकज त्यागी ने निरीक्षण के दौरान स्टेशन पर चल रहे अंतिम तैयारियों के कार्यों की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। 17 जुलाई को प्रस्तावित लोकार्पण कार्यक्रम को लेकर रेलवे प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / देवेन्द्र ताम्रकार