अशोकनगर: इंजी.विधायक ने पकड़ा सडक़ में भ्रष्टाचार का पेच!

 




अशोकनगर, 30 सितंबर(हि.स.)। मध्यप्रदेश के अशोकनगर जिला मुख्यालय पर नवीन तहसील कार्यालय की ओर बनाई जा रही नवीन सडक़ इन दिनों सवालों के घेरे में है। सडक़ निर्माण की गुणवत्ता को लेकर विधायक इंजी. हरीबाबू राय ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और निर्माण कार्य पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।

याद दिला दें कि कुछ ही दिन पहले सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी शिवपुरी में सीवर लाइन के भ्रष्टाचार पर अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा किया था, जो पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ था। अब विपक्षी विधायक के इस कड़े तेवर ने प्रशासन और निर्माण एजेंसियों की नींद उड़ा दी है।

बुधवार को निरीक्षण के दौरान विधायक ने सडक़ की कुटाई और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर आपत्ति जताते हुए प्रशासन से तत्काल तकनीकी जांच कराने की मांग की। विधायक के मुताबिक, सडक़ जिस तरीके से बनाई जा रही है, उसमें निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पालन होता दिखाई नहीं दे रहा।

विधायक ने चुटीले अंदाज में सवाल उठाते हुए कहा कि जब सडक़ की कुटाई ही ठीक नहीं हुई तो सडक़ टिकेगी कैसे? उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण में उपयोग की जा रही सामग्री भी निर्धारित गुणवत्ता के अनुरूप नजर नहीं आ रही है। उन्‍होंने कहा कि वे स्वयं इंजीनियर रह चुके हैं और निर्माण कार्य की तकनीकी गुणवत्ता को समझते हैं। उनके अनुसार, सडक़ निर्माण में गुणवत्ता से समझौता किया गया तो इसका सीधा नुकसान सरकारी खजाने और जनता को उठाना पड़ेगा।

उन्होंने प्रशासन से मांग की कि निर्माण कार्य की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराई जाए और यदि जांच में खामियां सामने आती हैं तो संबंधित ठेकेदार एवं जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्‍होंने कहा कि यह जिला मुख्यालय की महत्वपूर्ण सडक़ है। इसी मार्ग पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश का निवास सहित अन्य अधिकारियों के आवास भी स्थित हैं। ऐसे महत्वपूर्ण मार्ग के निर्माण में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।

गौरतलब है कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और कथित अनियमितताओं को लेकर क्षेत्रीय सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया भी हाल के दिनों में सवाल उठा चुके हैं। शिवपुरी में सीवर लाइन से जुड़े निर्माण कार्य को लेकर उनके द्वारा उठाए गए मुद्दे चर्चा में रहे हैं। फिलहाल विधायक ने प्रशासन से स्पष्ट मांग की है कि सडक़ की तकनीकी जांच कराई जाए और निर्धारित मापदंडों के अनुसार मजबूत, गुणवत्तापूर्ण और टिकाऊ सडक़ का निर्माण सुनिश्चित किया जाए।

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हिन्दुस्थान समाचार / देवेन्द्र ताम्रकार